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दारू- मुर्गा कांड के बाद अब मस्तूरी के चर्चित SBI ब्रांच पर किसानों को बिना लोन दिए वसूली के नोटिस और जेल भेजने की धमकी का आरोप, भयभीत ग्रामीण तपती दुपहरी में दौड़े- भागे पहुँचे गुहार लगाने एसपी दफ्तर…

0 डिजीटल इंडिया का एक और कारनामा, सायबर फ्रॉड से जागरूकता के बीच अब बैंक फ्रॉड का आरोप

0 शासकीय योजना का लाभ दिलाने ग्रामीण इलाकों में ऐसा चल रहा खेला

बिलासपुर / दारू मुर्गा कांड के बाद अब मस्तूरी के स्टेट बैंक आफ इंडिया से किसानों को केसीसी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर बिना कर्जा दिए पैसा पटाने और डेढ़ लाख रुपये के कर्ज के 5 लाख पटाने के नोटिस से किसानो के सामने विकट समस्या खड़ी हो गई है। बैंक आफ इंडिया के इस नए धमाल से साइबर फ्रॉड की जागरूकता के बीच अब बैंक फ्रॉड की चर्चा है। हलाकान परेशान किसान चिलचिलाती धूप में इसकी शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुँचे और एसपी को ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया के समक्ष उनकी आवाज शासन- प्रशासन तक पहुचाने गुहार लगाते हुए बैंक के मैनेजर, एफओएस पर दस्तावेज को वापस न करने और बिना लोन दिये वसूल करने के लिए नोटिस भेजने का आरोप लगाया। ये बानगी है डिजीटल इंडिया के दावे के का, मामला मस्तूरी क्षेत्र के पचपेड़ी तहसील के ग्राम धनगंवा का है, यहां रहने वाले 60 वर्षीय निर्धन किसान हरप्रसाद कुर्रे पिता शोभाराम कुर्रे एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि बैंक के मैनेजर सुमंत चौधरी और FOS रिकेश साहू गत फरवरी 2025

के पहले उनके गांव आये, उन्होने बताया कि शासन की योजना के तहत आप लोगों को के.सी.सी. की सुविधा दिया जायेगा, सरकार 50 परसेंट का सब्सिडी दे रही आपको लोन राशि का आधा पटाना पड़ेगा शेष लोन आधी लोन राशि सरकार माफ कर देगी, उनके झांसे में आकर और कुछ लोगो ने भी अपना आधार कार्ड, पेनकार्ड, जमीन की ऋण पुस्तिका, बी-1, बी-2, निवास प्रमाण पत्र, फोटो उन्हें दे दिया।

कई बार चक्कर कटवाने के बाद बैंक मैनेजर ने बताया कि उनका लोन प्रकरण निरस्त हो गया है तब ये ग्रामीण कमाने-खाने दीगर राज्यो में चले गये। इनमें से कुछ को लोन मिला पर कुछ को तो आज तक लोन राशि नही मिली। भांडा तब फूटा जब
कुछ दिन पूर्व बैंक मैनेजर और FOS उनके घर पहुँच गए कि आपको बैंक का ऋण वापस करना है। आप लोगो ने एक भी किश्त नही भरा है, ठगी के शिकार ग्रामीणों ने उन्हें बताया गया कि उनका लोन प्रकरण अस्वीकार हो गया है, ग्रामीणों का कहना है उन्हें जब लोन ही नही दिया गया है तो उनसे वसूली की करवाई क्यो…? पशु खरीदी के लिए लोन तो दूर उन्हें उनके खाते तक नही दिये गए, तो वे लोग क्यो लोन पटाये, ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर सुमंत चौधरी और fos रिकेश साहू पर लोन न पटाने पर जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस धमकी चमकी से उनका रहे पूरा परिवार डरा सहमा है…
गौरतलब है कि पिछले सुशासन तिहार के दौरान भी मस्तूरी के ही एसबीआई के मैनेजर पर लोन दिलाने के नाम पर हितग्राही से 35 हजार का दारू- मुर्गा डकारने के बाद उसका लोन प्रकरण अस्वीकृत होने का मामला भी सामने आया था।

हर्ष कुमार, पीड़ित कृषक
हर प्रसाद कुर्रे, पीड़ित कृषक

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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