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खाद्य विभाग के वाशिंग मशीन में फर्जी नाम जोड़ने और राशन घोटाले के आरोप धुलने का हल्ला, दागी संचालको को दोबारा संचालन की अनुमति देने पर उठ रहे सवाल…




बिलासपुर,,,,  सुशासन और पारदर्शिता के दावों के बीच
राशन कार्डों में फर्जी नाम जोड़ने और अनियमितताओं के आरोपो से घिरे जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार और आजाद महिला स्व सहायता समूह को दोबारा संचालन की अनुमति देने
से प्रशासनिक प्रक्रिया और विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में दोनों उचित मूल्य दुकानों को अनियमितताओं के आरोपों के चलते निरस्त करने की कार्रवाई की गई थी। बताया जा रहा कि एडीएम न्यायालय  के आदेश के आधार पर दुकानों को पुनः संचालन की अनुमति दे दी गई। बहाली की प्रक्रिया में विभागीय नियमों और राजस्व वसूली की कार्रवाई के  पालन  को लेकर सवाल उठ रहे है।


*2022 में 1,877  फर्जी नाम जोड़ने का मामला आया था सामने*

बताया जा रहा है कि दिसंबर 2022 में जांच के दौरान  1,877 फर्जी नाम राशन कार्डों में जोड़े जाने के आरोप सामने आए थे। आरोपों के आधार पर आजाद महिला स्व सहायता समूह से जुड़े संचालक के पुत्र सद्दाम खान के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार से जुड़े फिरोज खान पर भी दुकान संचालन में अनियमितता के आरोपों को लेकर कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के बाद भी संबंधित परिवार के लोगों की खाद्य विभाग में सक्रियता और दुकान संचालन में दोबारा भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

बिना आरआरसी कैसे हुई बहाली…?

शासकीय राशन की हेराफेरी या आर्थिक अनियमितता सामने आने पर  नियमानुसार संबंधित राशि की वसूली की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
  पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरआरसी) की कार्रवाई को लेकर उठाया जा रहा है। कि क्या संबंधित दुकानों के मामले में आरआरसी की कार्रवाई पूरी हुई थी? यदि नहीं, तो बहाली का आधार क्या रहा? तहसील स्तर पर आवश्यक पत्राचार और राजस्व वसूली की प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है।

संचालन की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल

बहाली के बाद दुकानों के संचालन की जिम्मेदारी फिर  जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार और आजाद महिला स्व सहायता समूह में  को देने की जानकारी सामने आने से सवाल उठ रहे हैं।

ग्रेन एटीएम की तैयारी है, आरोपो का दौर जारी है

एक तरफ सरकार और प्रशासन पीडीएस सिस्टम में पारदर्शिता लाने बड़े – बड़े दावे के साथ ग्रेन एटीएम स्थापित करने जोर लगा रही है, तो दूसरी ओर इस गड़बड़झाले और नियमो की अनदेखी को लेकर खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर  सबाल उठ रहे हैं।  विभागीय अधिकारियों और निरीक्षकों से कथित नजदीकियों  का हल्ला है।

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Santosh Shriwas
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