
बिलासपुर / नागलोक फर्जी मुआवजा कांड के बाद कालसर्प दोष से घिरे अफसर अपने बचाव के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे, संभागायुक्त को ज्ञापन सौंप अदालत से धोखेबाजी का आरोप लगा रहे, बैठको का दौर जारी है।


कालसर्प दोष से ग्रसित अफसर अब वकीलों और अपने आकाओं की दौड़ लगा रहे। संभागायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि मृतको के शवो के पंचनामा कार्रवाई, पोस्टमार्टम और पूरी जांच प्रक्रिया में पुलिस का ही रोल होता है, आरोप लगाया गया है कि इस फर्जीवाड़े को अदालत को धोखे में रखकर अंजाम दिया गया है। शनिवार को जहा तहसील कार्यालय में एसडीएम ने तहसीलदार, नायब और अतिरिक्त तहसीलदार, आरआई व पटवारियों की बैठक ली और इस बैठक से बाबू और अन्य स्टाफ को अलग थलग रखा गया। बताया जा रहा कि एसडीएम ने अब तक सामने आए मामलों की फाइलों और मामले से सम्बंधित आए फाइलो की जानकारी ली।
इसके बाद संभागीय कमिश्नर कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, बताया जा रहा कि इस बैठक में पूरी प्रक्रिया और किसकी क्या जिम्मेदारी है इसका डिटेल लिया गया।



