

बिलासपुर/ तखतपुर के पवन देवांगन ने कलेक्टर से लिखित शिकायत कर न्यायधानी के जिला अस्पताल में पत्नी के गलत इलाज और ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगा महिला डॉक्टर के के मित्तल और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


कलेक्टर को की गई शिकायत के मुताबिक पवन ने गत 27 जुलाई को प्रसवपीड़ा होने पर अपनी पत्नी ज्योति देवांगन को जिला अस्पताल में दाखिल कराया था। जहा प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया।
आरोप है कि लापरवाही और गलत ऑपरेशन के कारण ज्योति की तबीयत बिगड़ती गई इसके बाद भी 3 दिन बाद
जबरन दबाव बना प्रसूता को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
लगातार तबियत बिगड़ने पर पवन को अपनी पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जहा अभी भी उसकी जान का खतरा बताया जा रहा।
पवन ने कलेक्टर से दोषी डॉक्टर केके मित्तल का लाइसेंस रद्द करने और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर आर्थिक और मानसिक संकट से उबारने गुहार लगाया।

गजबे विडंबना
संभागीय मुख्यालय में सिम्स मेडिकल कॉलेज और जिला हॉस्पिटल में इलाज और मरीजो व उनके परिजनों से डॉक्टर और स्टाफ का बर्ताव किसी से छिपा नही है, इसीलिए लोग निजी अस्पतालों पर भरोसा करते है सरकार की ये योजना वो योजना के ढिंढोरे के बावजूद वे जमीन जायजाद गहना- गुरिया बेच तो कभी मंगलसूत्र गिरवी रख इलाज कराने विवश है। पर विडंबना है कि सरकारी और निजी किसी अस्पताल से उन्हें राहत नही मिल रही अपने और अपने परिजनों के इलाज के लिए उन्हें खून के आंसू रोना पड़ रहा।
थलापति और गब्बर की दरकार
सरकारी और निजी अस्पतालों से लगातार आ रही लापरवाही और मनमानी की खबरो के बाद अब अंचलवासी तामिलनाडु के सीएम विजय थलापति की स्कीम यहां भी लागू करने और व्यवस्था को सुधारने गब्बर इज बैक की कामना कर रहे।



