
0 बरामदे में कमर तक ऊंची फाइलों की थप्पियां,
0 सीढ़ियों पर ऐसे घसीटकर ढो रहे दस्तावेज के बोरे;
0 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

बिलासपुर/ ये नजारा है सीपत रोड, लगरा के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रथम तल का है! इसी तल पर आरटीओ साहब का चेंबर है अलग-अलग सेक्शन संचालित होते हैं। बरामदे के आखिरी छोर में दीवार से सटाकर कमर तक ऊंची फाइलों की थप्पियां लगा दी गई हैं। फाइलें खुले बरामदे और बरामदे से लगे एक काउंटरनुमा कमरे में अस्त- व्यस्त और धूल धूसरित पड़ी है…सवाल यह उठ रहा कि लक्ष्मी दर्शन कर नाम से चर्चित आरटीओ दफ्तर में
क्या इन्हें सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रूम तक की व्यवस्था नही है, क्या इनकी कोई अहमियत नही है। ऐसे में यदि कोई फाइल या किसी फाइल से कोई आवश्यक दस्तावेज गायब होते है या इनसे कोई फर्जीवाड़ा होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा…?
इन तस्वीरों में आप खुद देखिए कैसे आरटीओ साहब के चेम्बर के आगे बरामदे के अंतिम छोर पर इस कदर बेतरतीब ढंग से फाइलो को कमर तक ऊची थप्पी बनाकर रखा गया है, इसी के ठीक सामने एक कमरा भी फाइलो से अटा पड़ा है। सरकारी दस्तावेज के रखरखाव और सुरक्षा की ये एक और तस्वीर देखिये कैसे दो लोग विभागीय दस्तावेज से भरे बोरे को गाड़ी से उतार घसीटकर सीढ़ियों तक पर सीढ़ियों से घसीटकर ऊपर ले जाते नजर आ रहे है।
ये मामला महज अव्यवस्था का नहीं, रिकॉर्ड की सुरक्षा और गोपनीयता का भी है। परिवहन विभाग के दस्तावेजों में वाहन, लाइसेंस, परमिट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होती हैं। ऐसे में यदि रिकॉर्ड खुले स्थान पर पड़ा है तो उसकी निगरानी, पहुंच और सुरक्षित रखरखाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
खास बात यह है कि पुराने बिलासपुर जिले का बड़ा हिस्सा अब अलग-अलग जिलों में बंट चुका है और नए जिलों में नए परिवहन कार्यालय भी संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद यहां रिकॉर्ड का बोझ और उसका रखरखाव सवालों के घेरे में नजर आ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—यदि खुले में पड़े इन दस्तावेजों की कोई प्रति बाहर निकल जाए, कोई रिकॉर्ड गायब हो जाए अथवा किसी दस्तावेज का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़े की कोशिश हो, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
कार्यालय परिसर में दलालों और बाहरी लोगों की आवाजाही के अलावा आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली किसी से छिपी नही है। फाइलें सरकारी हैं, रिकॉर्ड विभाग का है और जवाबदेही भी विभाग की ही होनी चाहिए—लेकिन तस्वीरें देखकर फिलहाल सवाल यही है कि इन फाइलों का ‘माई-बाप’ आखिर है कौन?
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बिलासपुर क्षेत्रिय परिवहन कार्यालय में कार्यभार सम्हालने के बाद सारी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने लगातार प्रयास किया, पेयजल और बैठक की व्यवस्था इसका उदाहरण है, जहाँ तक फाइलो की बात है रिकॉर्ड को दुरुस्त कराया जा रहा इसके लिए शासन से फंड मांगा गया है…!
असीम माथुर, क्षेत्रिय परिवहन अधिकारी बिलासपुर



