
बिलासपुर,,,, यदि आप परिवार के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने ऐतिहासिक विसर्जन स्थल जूना बिलासपुर पचरी घाट या राजकिशोर नगर छठ घाट जा रहे है, तो नगर निगम और नगर सेना SDFR पर भरोसा न करे…यहां निगम का स्टाफ तो मुस्तैद है पर बिन नख दांत के बघवा की तरह गोताखोर नही लाइफ गार्ड है, वो भी 2-3 पुलिस के 2 स्टाफ भी मुस्तैद है लेकिन यदि कोई अनहोनी हो जाये तो न ट्यूब है न कोई और संसाधन एसडीआरएफ नगर सेना से कोई नही आया। कुल मिलाकर खतरा है…

ये तस्वीरें ऐतिहासिक विसर्जन स्थल पचरी घाट का है आप खुद देख लीजिए अरपा मईया की धार कितनी तेज है!
पिछले 3 दिनों से यहां प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर जारी है! छटाकी लाल (नशेड़ी) छोटे छोटे बच्चे बाजे गाजे के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन करने पहुंच रहे है और प्रशासन की व्यवस्था का ये आलम है! संसाधन है नहीं है! इसलिए निगम का स्टाफ केवल समझाइस के अस्त्र के भरोसे चल चला रहे, ऐसे में विसर्जन स्थल पर आमजन की सुरक्षा का क्या हाल है! इसका अंदाजा लगाया जा सकता है!
खा प्रसाद भर पेट
निगम प्रशासन ने यहां 3-4 लाइफ गार्ड, सुपरवाइजर और ज़फाई कर्मी समेत लगभग 12-15 लोगो की ड्यूटी तो अलग- अलग पालियों में लगा रखा है पर उनके लिए न तो पीने के पानी का इंतजाम किया गया है न नाश्ते और न भोजन का भूखे प्यासे कर्मचारी बोतल में आसपास से पानी लाकर प्यास बुझा रहे और प्रसाद खा कर पेट भर रहे है।
साढ़े सात घण्टे में लगभग 125 प्रतिमाएं विसर्जित
ड्यूटीरत कर्मचारियों के मुताबिक दोपहर 2 बजे से रात 9.30 बजे तक पिछले साढ़े सात घण्टे में पचरीघाट विसर्जन स्थल में 125 प्रतिमाएं विसर्जित की जा चुकी है।
