
बिलासपुर। ठप स्ट्रीट लाइटे अंधेरी सड़को पर मवेशियों का दंगल और खून से लथपथ नागरिक ये तस्वीर है, स्मार्ट सिटी और महानगर के तमगे वाले न्यायधानी की।
ये तस्वीरें गांधी चौक के आगे दयालबंद गवर्नमेंट स्कूल के सामने की है, आप खुद देखिये कैसे सड़क बत्ती बन्द पड़ी है,सड़क पर अंधेरा पसरा है और ट्रफिक गाड़ियों के हेडलॉइट के भरोसे दौड़ रही है। अंधेरी सड़क पर जगह – जगह मवेशियों के झुंड बैठे है दंगल कर रहे है, कोई देखने वाला नही है। नतीजतन अंधेरे में मवेशियों से टकराकर लोग घायल हो रहे है।
रविवार की रात भी गवर्नमेंट स्कूल के सामने बाइक सवार दो युवक मवेशियों के दंगल की चपेट में आकर हताहत हो गए। आसपास में मौजूद लोगों ने घायलों की मदद कर उनकी गाड़ी सड़क से उठाकर उन्हें किनारे बिठाया
ये हालात तब है जब हाईकोर्ट सड़को पर पसरे मवेशियों के लिए निगम और जिला प्रशासन को फटकार लगा चुका हैं। जब जब मीडिया में खबरे आती है दिखावे की कार्रवाई कर मवेशियों को पकड़कर फिर सड़को पर छोड़ दिया जाता है।
ठेके पर होने के बावजूद शहर के आधे से अधिक स्ट्रीट लाइटे ठप पड़ी है। निगम प्रशासन न तो ठप्प स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करा पा रहा और न ही मवेशियों की धरपकड़।
गणपति परिक्रमा में माहिर
निगम के अफसर गणपति परिक्रमा में माहिर है। तभी तो हाईकोर्ट की फटकार के बाद सिर्फ हाईकोर्ट रोड से मवेशियों को हटाने अमला लगा रखा है। ताकि हाईकोर्ट जस्टिस और मंत्री नेताओ को कोई दिक्कत न हो रहे शहरवासी तो वो जाए भाड़ में, तभी तो आमनागरिक आये दिन सड़क पर मवेशियों के झुंड से टकराकर या उनके दंगल की चपेट में आकर घायल और कालकवलित हो रहे है, जिससे आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
