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रतनपुर के प्रसिद्ध गिरजाबंद हनुमान मंदिर में माँ नुक़ुबूला देवी के रूप में विराजमान है महाबलि हनुमान, ये है स्त्री रूप में बजरंगबली का पहला सिद्ध धाम…


रिपोर्टर शरद यादव

बिलासपुर -रतनपुर,,,, (सीजीडीएनए -न्यूज़) –
बिलासपुर जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर रतनपुर में का विश्व प्रसिद्ध गिरिजबन्द हनुमान मंदिर में महाबली भगवान श्री राम भक्त हनुमान स्त्री रूप विराजित है! जो हजारों सालों  “गिरजाबन हनुमान” के रूप में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे है!

इस प्रसिद्ध मन्दिर में बारहों माह पुरुष भक्त के साथ स्त्रियां भी हनुमान जी के दर्शन और पूजन के लिए पहुँचते है, अंचलवासियो के इस आस्था के प्रतीक हनुमान मंदिर में शनिवार और मंगलवार को श्रद्धालु भक्तों का तांता लगा रहता है, देर रात बिलासपुर कोरबा और अंचलभर के लोग विशेष पूजन में पहुँचकर अपनी मनोकामना के लिए हनुमानजी के दरबार मे मत्था टेकने पहुँचते है,
बताया जा रहा कि इस मन्दिर का निर्माण ११०० सौ वर्ष पहले राजा पृथ्वी देव ने कराया था ,इस मंदिर निर्माण को लेकर कथा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी द्वारा रावण का वध करने के बाद परमज्ञानी लंकापति रावण के बड़े भाई अहिरावण ने  भगवान श्री रामलला और उनके भाई लक्ष्मण जी को नुक़ुबूला देवी में बली चढ़ाने पातालपुरी में क़ैद कर लिया था, तब संकट मोचन महाबलि हनुमान ने स्त्री का रूप धारण कर नुक़ुबूला देवी के रूप में अहिरावण का वध किया था, हनुमान जी माता निकुम्बुला देवी के रूप में यहां विद्यामान है , उन्होंने अपने  कंधे पर  दोनो तरफ विधाता श्री राम और भैया लक्ष्मण जी को उठा रखा हैं तो दूसरी तरफ़ दाँये पैर से अहिरावण को दबाकर रखा है।
कहा जा रहा कि पूरे विश्व में अनूठा व अद्भुत अकेला मंदिर है,जहाँ स्त्री रूप में हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है ।


मंदिर का जीर्णोद्वार का कार्य जारी

पिछले ११ वर्षों से उड़ीसा के कारीगर मंदिर का का कायाकल्प कर मंदिर को भव्य  स्वरूप देने लगातार  कार्य कर रहे है। इन कारीगरों ने मंदिर खंभो और बिम्बो में अद्भुत चित्रकारी और  चरित्र मानस की चौपाई व  दोहे उकेर अद्भुत कला का प्रदर्शन किया है,पूर्ण निर्माण कार्य कंप्लीट होने में अभी 2-3 वर्ष और लगने की बात कही जा रही।
इतना ही नही इस परिसर में माता अंजना का मंदिर भी है जो देश का एकमात्र मंदिर बताया जा रहा।
मंदिर के पुजारी आकाश शास्त्री  ने बताया कि मंदिर के भव्यता के साथ कराये जा रहे नवनिर्माण में सभी भक्तों का भरपूर सहयोग मिल रहा है, मंदिर प्रांगण में  प्रभु श्रीराम दरबार, शनिदेव, माता अंजना का मंदिर और भव्य शिव लिंग स्थापित है ।

बाइट,,, मंदिर का पुजारी
बाइट,,, श्रद्धालु
बाइट,,, श्रद्धालु

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Santosh Shriwas
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