
बिलासपुर । फ़िल्म शोले की मौसी भी शरमा जाए बिलासपुर नगर निगम की रईसी देखकर, जहाँ कबाड़ से जुगाड़ का फ़ंडा ही पलट दिया गया, ये हम नही ये तस्वीरें कह रही है,,, आप खुद देखिये कैसे संजय तरण पुष्कर के कोने में नवनिर्मित स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के पीछे लाखो के नए जिम सामग्री और पम्प हाउस में नए आर्टिफिशियल बिजलीं के खम्भो को कचरे के ढेर में रख और दबाकर कबाड़ बनाने की तकनीक की जा रही है।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नही है, बिजलीं बिल का बकाया 167 करोड़ तक पहुंच गया है, विधुत वितरण कम्पनी के सबसे बड़े बकायेदारों की सूची में निगम का नाम शुमार है, निगम के अफसरों, कर्मचारियों को वेतन के लाले है, पर रईसी खानदानी दिखाई दे रही है।
ये पहली तस्वीरें स्वीमिंग पूल परिसर के नवनिर्मित स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के पीछे की है…


आप खुद देखिये ये जिम सामग्री है जिसे वार्डो में लगाकर युवाओं को फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करने मंगाया गया था, बताया जा रहा कि राजधानी के सप्लायरों ने थोक में ऑर्डर लेकर सभी निकायों में ये जिम सामग्री सप्लाई की थी, को अभी कचरे के ढेर और जब्त कबाड़ व ठेला ठप्पड़ नीचे दबा सड़ रहा। हालात ये है कि इन जिम सामग्रियों के पेंट तक नही उधड़े है, पर इन्हें कबाड़ की तरह कबाड़ के नीचे दबा दिया गया…

अब इस दूसरी तस्वीर को देख लीजिए ये बिजलीं के आर्टिफिशियल खम्भे है, जिन्हें सड़क के बीचोबीच डिवाइडर पर लगाने खरीदा गया था, पर नया टेंडर हुआ नया स्टीमेट बना तो फिर नए खरीद लिए गए इन खम्भो को कबाड़ बनाने पम्प हाउस में झाड़ियों के बीच डंप कर रख दिया गया…

पम्प हाउस परिसर में जंग खाते सड़ते पड़े है डिवाइडर के खम्भे
सवाल यह उठ रहा कि क्या जिम्मेदार अफसर निरीक्षण और राउंड नही करते और यदि करते है तो ये बर्बादी उन्हें दिखाई क्यो नही देती इन्हें रोका क्यो नही जाता…

तो बदला जा सकता है
नगर निगम में सप्लाई और सप्लाई की चेन कैसे चलती है ये किसी से छिपा नही है, खुद की सरकार खुद के सप्लायर तो जाहिर है कि सामान आते कैसे है, निगम के अफसर कम से कम गार्डनों के उजाड़ और कबाड़ हो चुके फिसलपट्टी और फिजिकल एक्टिविटी के लिए आये इन जिम और खेल के उपकरणों को बदलकर गार्डनों की शोभा तो बढ़ा सकते है पर देखे कौन…

कबाड़ को लेकर हो रही जमकर फजीहत
कबाड़ियों के दुकानों में कार्रवाई के बाद जब्त कबाड़ के निगम के काऊ कैचर समेत बिकने के लिए पुनः कबाड़ दुकान पहुचने के मामले ने निगम के कबाड़काण्ड की पोल खोलकर रख दी, इसके बाद भी जब्त कबाड़ की अफरा- तफरी को लेकर घमासान मचा हुआ है। सभापति भी इस बात को लेकर सवाल उठा चुके है कि होर्डिंग्स कार्रवाई से लेकर अब तक का जब्त कबाड़ है कहाँ…
इससे पहले भी सीजीडीएनए ने निगम के वाहन बेड़े के कबाड़ वाहनों को लेकर भी खबर प्रसारित कर बताया था कि हालात है क्या ..
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