
बिलासपुर। छत्तीगढ़ के प्रमुख चुनावी मुद्दे धान और किसान का हाल बेहाल है, लिमिट, तौल, टोकन के चक्कर और अन्नकुमारी की चौकीदारी में अन्नदाताओं का दिन-रात कट रहा। अनिलिमिटेड समस्याओं के जिम्मेदारों ने धान खरीदी की लिमिट तय कर और विकट संकट खड़ा कर दिया है जो दूबर ल दु असाढ़ टाइप हो गया है, कुल मिलाकर अन्नदाता अलकरहा मुसीबत में पड़ गए है कही रकबा गायब है तो कही दूसरे सोसायटी में दिखा रहा।

किसी से पूछ लीजिये 5 साल बाद पुनः छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की दुबारा सरकार बनाने में किसानों की अहम भूमिका रही है, यही दोनो प्रमुख राजनीतिक दलों का मुख्य एजेंडा भी रहा। लेकिन सरकार बनने के बाद किसान सरकार को बखान रही ये बात किसी से छिपी नही है।

सीजीडीएनए की टीमो ने शनिवार को बेलतरा और तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के सोसायटियों के हालात हकीकत का जायजा लिया….


इस दौरान जो दृश्य सामने आया वो सरकारी विज्ञापनों और दावों के कई गुना उलट दिखी। ये हालात तब है जब सरकार और प्रशासन ये दावा कर रहा कि सब कूल- कूल है, कही कोई टँटा नही सब फील गुड है तत्काल भुगतान भी हो रहा,
वही कांग्रेस किसानों की तकलीफों को लेकर निगरानी कमेटी गठित कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने का दावा कर रही, तो किसान पंजीयन न होने, पंजीयन के बाद रकबा उड़ने, लिमिट के कारण तौल न होने, टोकन न मिलने के कारण कोठार और सोसायटी में धान की रखवाली के लिए रतजगा करने का रोना रो रहे है,

तखतपुर विधानसभा क्षेत्र

“सीजीडीएनए न्यूज़ की टीम घटुकू सोसाइटी पहुंची 2100 किसानों वाले इस सोसायटी के एक अन्नदाता ने बताया कि वे टोकन कटवाने के बाद शुक्रवार से धान बेचने आये तौल नहीं हुई है शनिवार को भी नम्बर नही लगा एक रात और रतजगा करना पड़ेगा क्योंकि रविवार को तो छुट्टी है। इसी तिरपाल का भरोसा है...
वही समिति प्रबंधक शांता साहू ने साफ कह दिया कि वे कुछ नही बोलेंगी।
उड़ा रकबा टेंशन में किसान
वही नरौतीकापा के किसान ने जो बताया वो भी बेहद चौकाने वाला है, किसान ने बताया कि उन्होंने पिछले माह नवंबर में घुटकू धान खरीदी केंद्र में एग्रीस्टेक में पंजीयन कराया टोकन भी कटा लिया पर जब खसरा नंबर चेक कराने पहुंचा तो उनके 5 एकड़ का रकबा जीरो दर्शा रहा था, कृषक टेंशन में कि अब उसके धान का होगा क्या।
चक्कर पे चक्कर
सरकार ने एग्रीटेक पंजीयन की तारीख १५ दिसंबर तक बढ़ा दी पर ये राहत भी किसानों की समस्या दूर नहीं कर सकी। किसान गड़बड़ी सुधरवाने सोसायटी, तहसील और पटवारी कार्यालय का चक्कर लगा कर परेशान है कोई सुनने वाला नहीं है । क्षेत्र के जरौंधा, खम्हरिया समेत क्षेत्र के सभी सोसायटियों में लगभग यही हाल है।
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र
बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम उच्चभट्टी, उरतुम, बहतराई और बिरकोना, अकलतरी, टेकर में
अधिकांश किसान टोकन कटवाने हाथ पैर मार रहे है,
सोसायटियों में 18- 19 तारीख तक के सभी स्लॉट भर चुके हैं,
प्रतिदिन मात्र 600 क्विंटल की खरीदी सीमा होने के कारण किसान अपनी बारी का इंतजार करने विवश है, उनके धान खुले में रखे है जिससे वे नमी और बारिश न हो इसकी चिंता में है बारी- बारी दिन रात चौकीदारी कर रहे है।
ये है प्रमुख समस्याएं
0रकबा जीरो होना,
0तहसील बदल जाना,
0नाम ग़लत दर्ज होने,
0आईडी नम्बर न दिखाने
टूट सब्र, किसान ने किया आत्महत्या का प्रयास

महासमुंद – के बागबाहरा थाना क्षेत्र के ग्राम सेनभाठा के 65 वर्षीय किसान मनबोध गांडा के आत्महत्या के लिए प्रयास करने के कदम ने तो तमाम दावों को उजागर कर दिया।
आरोप है कि कृषक मनबोध ने
इसी बदहाल व्यवस्था के कारण
खेत में ब्लेड से अपने गले पर वार कर आत्महत्या की कोशिश की। बताया जा रहा कि कृषक मनबोध धान बेचने के लिए टोकन न मिलने से परेशान था इसीलिए उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया खेत मे लहूलुहान अवस्था में पड़े कृषक को
ग्रामीणों ने टीम 112 को काल कर घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा, फिर महासमुंद मेडिकल कॉलेज और फिर स्थिति गंभीर होने पर राजधानी रायपुर रेफर किया गया है।
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