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अटल यूनिवर्सिटी में नियमों की अनदेखी! 2.30 घंटे इंतज़ार के बाद एनएसयूआई का खुलासा, भर्ती–पदोन्नति पर उठे सवाल…


बिलासपुर,,,, अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यपरिषद की बैठक के दौरान एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कार्यपरिषद के सदस्यों से मुलाकात कर छात्रहित और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े कई अहम मुद्दों को सामने रखा।



रंजेश सिंह का आरोप है कि विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारी और कर्मचारी जानबूझकर कार्यपरिषद के सदस्यों को अधूरी, भ्रामक और गलत जानकारी उपलब्ध कराकर नियमविरुद्ध निर्णयों पर सहमति ले रहे हैं। इससे परिषद के सदस्य अनजाने में ही गलत प्रक्रियाओं का हिस्सा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति और भर्तियों के मामलों में अनावश्यक जल्दबाजी की जा रही है। बिना सक्षम प्राधिकारी और उच्च कार्यालय की स्वीकृति के नियुक्तियां और प्रमोशन किए जा रहे हैं, जबकि इसकी पूरी जानकारी कार्यपरिषद को नहीं दी जाती।



एनएसयूआई नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यपरिषद के निर्णयों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर निर्णयों की प्रतिलिपि अपलोड नहीं होती, जिससे छात्र और आमजन जानकारी से वंचित रहते हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भी सही जानकारी प्राप्त करना कठिन बना दिया गया है।



रंजेश सिंह ने मेरिट के बजाय कैस प्रमोशन के बढ़ते चलन पर भी सवाल उठाए। हाल ही में बिना पद स्वीकृति के सहायक प्राध्यापकों की भर्ती किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कार्यपरिषद की बैठक में लिफाफा खोलकर सब कुछ सही दिखाने का प्रयास किया गया।



उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र के चलते स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बावजूद आनन-फानन में बैठक आयोजित की गई, जो संदेहास्पद है। रंजेश ने बताया कि 2:30 घंटे इंतजार के बाद उनकी कुछ सदस्यों से मुलाकात हुई, जबकि पुराने सदस्यों से जानबूझकर नहीं मिलने दिया गया। इस दौरान नए सदस्यों को सभी तथ्यों से अवगत कराया गया।

इस मौके पर पुष्पराज साहू, करन यादव, राजा खान और अतुल रजक मौजूद रहे। एनएसयूआई ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग की है।

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Santosh Shriwas
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