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सरकारी फरमान से कुत्तों में आक्रोश, स्कूल में घुसकर काट रहे बच्चों और शिक्षिका को, सकरी स्कूल में फिर 3 स्कूली बच्चों को काटा

बिलासपुर । पूरा सिस्टम ज्यो ज्यो पांव पड़े संतन के… टाइप का हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए प्राचार्यों और शिक्षकों को आवारा कुत्तों की निगरानी और उन्हें परिसर से दूर भगाने की जिम्मेदारी क्या सौंपी जगह-जगह स्कूलों में कुत्तों द्वारा बच्चों को काटने की खबरे आ रही है। अब सकरी क्षेत्र के मिडिल स्कूल से आवारा कुत्तों द्वारा मासूम बच्चों को काटकर लहूलुहान करने का मामला सामने आया है।
सोमवार को स्कूल कैंपस में घुसे आवारा कुत्ते ने बेकाबू होकर बच्चों को काटा जिससे अफरा-तफरी मच की गई। शिक्षकों ने बड़ी मुश्किल से मासूमों को बचाया है। 3 स्कूली बच्चों को सिम्स में भर्ती किया गया है, वहीं 1 बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में किया जा रहा है। आवारा कुत्तों के कारण मासूम बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घायलों में 8 वी कक्षा की छात्रा मोना यादव पिता नवल यादव यादव मोहल्ला निवासी तमन्ना साहू, सूरज को भी कुत्ते ने काटा। शिक्षकों ने कुत्ते के हरकत देखी और बच्चों को बचाया। इस दौरान गांव नवदा से मामा के घर आए स्कूली बच्चे को भी कुत्ते ने लहूलुहान कर दिया । जबकि अस्पतालों में रोजाना डॉग बाइट के 50-60 केस आ रहे जिन्हें रैबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा।

ये है मुख्य कारण

बाज़ारो और गली मोहल्लों में जगह जगह खुले में मांस मटन की बिक्री और दुकान संचालक खुले में मांस के टुकड़े और छिछला फेंक रहे जिसे खाकर कुत्ते इतने आक्रामक हो गए है कि छोटे बच्चों और गाय बछड़ो का घेरकर शिकार करते है। यदि कुत्तों की इस आक्रामकता पर रोक लगाना है तो पहले इन दुकान संचालको पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है।
इससे पहले शहर से लगे खमतराई स्कूल में बच्चे को बचाने के प्रयास में कुत्ते ने शिक्षिका के पैर का मांस ही निकला दिया था. शिक्षिका को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा इसके बाद आए दिन इस तरह की घटना सामने आ रही।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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