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68 रुपये के खाना खर्चा और 60 व 75 रुपये के पारिश्रमिक पर न्यायधानी के सेंट्रल जेल के बंदी दिखा रहे हुनर, शासन को दे रहे सालाना 30 से 40 लाख

0 इतने सालों बाद भी नही हुआ ओवरक्राउड की समस्या का निदान

0 2290 की क्षमता वाले जेल परिसर में 3057 बंदी काट रहे दिन-रात

बिलासपुर ,,,, न्यायधानी बिलासपुर के सेंट्रल जेल में हुनरमंद बंदियों की कमी नही है। जेल के चाहरदीवारी के अंदर ये बंदी फर्नीचर, सिलाई, प्रिंटिंग प्रेस, लौह उद्योग, कपड़ा बुनाई जैसे काम मे अपना हुनर दिखा रहे वो भी महज 60 व 75 रुपये के पारिश्रमिक और महज 68 रूपये रोजाना के खाना खुराकी खर्च पर।

2290 बंदियों की क्षमता वाले बिलासपुर सेंट्रल जेल में इस समय 3057 यानि 767 बंदी अधिक है! बिलासपुर सेंट्रल जेल में ही नही वरन प्रदेश भर के जेलो में लंबे समय से ओवरक्राउड की स्थिति बनी हुई है! इसको लेकर तरह – तरह के कानून है, दावे है, और शहर से लगे ग्राम बैमा मे तत्कालीन कांग्रेस शासनकाल से 50 एकड़ भूखंड पर नए जेल का निर्माण 4-5 साल बाद शुरू होना बताया जा रहा है।

सेंट्रल जेल प्रशासन के आंकड़ों की माने तो जेल परिसर के महिला जेल में 171 और पुरुष जेल में 2886 बंदी बंद है! लगभग साढ़े 18 एकड़ में से 12 एकड़ में जेल का अंदरूनी हिस्सा है! जहां 45 बैरकों में 2886 और 4 महिला बैरकों में 171 महिला बंदी निवासरत है!

ऑन डिमांड सरकारी विभागों में सप्ला


सेंट्रल जेल के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि नियम के मुताबिक जेल में बंदियों द्वारा निर्मित फर्नीचर और अन्य उत्पादों को ऑन डिमांड सरकारी स्कूलों, सिम्स, न्यायालय, बटालियन और अन्य सरकारी विभागों में तय दर पर सप्लाई किया जाता है,,, जिससे जेल प्रशासन को सालाना 30 से 40 लाख की आमदनी होती है, इसमें से बंदियों के परिश्रमिके को राशि काटकर शेष रकम शासन के फंड में जमा करा दी जाती है…


न मनरेगा जी रामजी से हो रहा मैच न सामान्य मजदूरी दर से

पहले एक जॉब कार्डधारी को 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब विकसित भारत–जी राम जी योजना के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. इससे मजदूरों को अधिक समय तक काम और आय का अवसर मिलने का दावा किया जा रहा है. वर्तमान में मजदूरों को 261 प्रतिदिन की दर से मजदूरी दी जा रही है।
वही सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दर भी तय कर रखा है।
छत्तीसगढ़ में 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 तक प्रभावी न्यूनतम मजदूरी दर के मुताबिक अकुशल श्रमिकों के लिए प्रतिमाह 10,620 रुपये, यानि 354 रुपये रोजी तय है, वही अर्द्धकुशल के लिए 11,270 रुपये यानि 357. 66 रुपये रोजी व कुशल के लिए 12,050 रुपये यानि 401.66 रुपये रोज और उच्च कुशल श्रमिकों के लिए 12,830 रुपये यानि 427 रुपये 66 पैसा रोजी निर्धारित हैं।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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