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कोतवाली क्लिनिक, हर मर्ज की दवा है..

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0 तलाशी ली कुछ नही मिला तो जेब से निकाल बाबा इलायची ही गटक गए, पुलिसवालों के खुद नशे में होने लगा आरोप
0 नशा कारोबारियों पर लगाम लगा अपराध रोकने हिदायत फिर भी टारगेट में नशेड़ी

विलासपुर। आपके पति बच्चों या घर के किसी सदस्य को दारू गांजे की लत है और इस लत से छुटकारा चाहते है तो चले आइए कोतवाली क्लिनिक। क्योकि कोतवाली पुलिस इतना लम्बा जुर्माना ठोके रही कि आदमी या तो नशे की लत छोड़ देगा या फिर सार्वजनिक जगह पर नशा करना।
अपर सचिव ने हाल ही में जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों की बैठक लेकर नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी लगाम लगाने और नशा करने वालो के बजाय नशे के सौदागरों पर तगड़ी कार्रवाई करने निर्देश दिए ताकि समाज में अपराध कम हो। अब सवाल यह उठ रहा कि जब सरकार खुद शराब बिकवा रही तो क्या शराब पीना अपराध है, और यदि है तो उन ठिकानों पर क्यो दबिश देकर कार्रवाई नही की जाती जहां अवैध शराब और गांजे का कारोबार होता है। जिस मुर्गी वाले बन्दरवाले और बुआ को सम्भाग भर के लोग जान रहे क्या उन्हें शहर की पुलिस नही जानती। शहर का ऐसा कौन सा इलाका है जहां खुलेआम अवैध शराब और गांजे का कारोबार नही हो रहा तो फिर इनको पकड़ने के बजाय पूरा जोर नशेड़ियों को पकड़ने में क्यो।


और तलासी ले फांक दिए बाबा इलायची


पिछले कुछ माह से सिटी कोतवाली पुलिस मुन्नूलाल शुक्ल स्कूल परिसर और नदी किनारे की बदहाल सड़क पर नशेड़ियों को पकड़ने दिन रात कई राउंड मार रही। शनिवार को भी कोतवाली के मोबाइल वाहन में सवार थानेदार ने अपने मातहतों के साथ इस खतरनाक सड़क पर दौड़ लगा।

दो ग्रामीणों को पकड़ा उनकी तलाशी ली गई। एक के जेब से बाबा इलायची के 3 पाउच निकले तो फाड़ के घटक गए। दूसरे की भी तलासी ली तो वह डर गया उसने बताया कि वह अपने बच्चे का सिम्स में इलाज कराने आया है इधर दोनों घूमने आए थे और नदी किनारे सड़क पर खड़े होकर बीड़ी पी रहे थे।

पुलिस कर्मियों ने उसकी तलासी ली तो वह डर गया क्योंकि जेब मे 7500 रुपये थे। उसका कहना है कि पुलिस वाले खुद पिये थे और उन लोगो से ब्रीथ एनालाइजर पर फूक मारने बोल रहे थे।


90 का पौवा, 10 का चखना और जुर्माना 4000-,4000 हजार


पिछले दिनों पुलिज़ ने गोड़पारा के चबूतरे पर दबिध दी। वहां बैठे लोगों से कुछ नही मिला पर रिक्शा चलकर लौटे अधेड़ के जेब से पौव्वा मिला तो पौव्वा ही ले गए। आगे 4 युवक पकड़ाए तो उन्हें पैसा लाने घर भेजा गया दिए तब जान छुटी।


चल 500 निकाल


इनमे से एक युवक ऐसा भी निकला जो अपनी दुकान से लघुशंका के लिए आया था। फोन आया तो मोबाइल पर बात करते वही खड़ा हो गया तभी वहॉ पुलिस की धाड़ पड़ गई। 3 लोगो के साथ उसे भी थाने लाया गया। फिर तुम नही पियें हो कहकर उसे अलग बुला 500 रुपये की मांग की गई। जब उसने कहा कि काहे का 500 तो फिर उसे छोड़ दिया गया। सवाल यह उठ रहा कि क्या ये भयादोहन नही।

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