
बिलासपुर/ समरथ को नहीं दोष गोसाई चेहरा और रसूख देख करो गरीब बाइक और ठेले वालो की कुटाई,,, यहाँ कुटाई का मतलब तड़ीबाजी से नहीं भारीभरकम चालानी कार्रवाई और खुल्ला भयादोहन से है, वहीं अरपापार के लिए कोई नियम कायदा नही मेन सीपतरोड के होटलों और शादी भवनों के सामने आधी सडक तक बेतरतीब बाइक और कारे खड़ी है, इसके चलते लंबा जाम लग रहा पर माहौल किसी को कोई मतलब नही जैसा है…

ये तस्वीरें खुद बयाँ कर रही कि हालात क्या है,,, आप खुद देखिये कैसे सडक तक होटल और शादी भवन की गाड़ियां खड़ी है,,, सवाल यह उठ रहा कि जब पार्किंग की व्यवस्था ही नही तो ये होटल और विवाह घर चल कैसे रहे है और जिम्मेदार निगम प्रशासन, सम्बंधित थाने को और ट्रेफिक पुलिस देख क्या रही,,,
क्या ये जिम्मेदार कोई बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेंगे,,, कार्रवाई के नाम पर चल क्या रहा,,, किसके इशारे पर अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर क्या और कैसी कार्रवाई हो रही सारा शहर देख रहा।
वैध अवैध वाले चूरण की पुड़िया से नही सुधरेगी व्यवस्था
शहर में निगम प्रशासन और निगम प्रशासन में भवन शाखा होते क्यो है, व्यवस्था बनाने और व्यवस्थित बसाहट के लिए ही न न कि उगाही और उस ताकत के इशारे के लिए पर बिलासपुर में सब कुछ कैसे चल रहा ये किसी से छिपा नही है…
गई कार नाले में
भीड़ जाम और अव्यवस्था के बीच एक कार सड़क किनारे नाले में जा घुसी, कर सवार दो युवक काफी देर तक मशक्कत करते रहे… हालांकि आसपास के लोगो की मदद और टेक्निक से कार को निकाल लिया गया।



