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न्यायधानी में वैध- अवैध के खेल का हल्ला पूरे प्रदेश भर में, दस्तावेज की रजिस्ट्री में अनाधिकृत प्रतिबंध लगाने पर सरकार ने जताई तल्खी…

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0 कहा इससे सरकार को हो रही राजस्व की हानि

0 प्रतिबंध और निरसन होने के आदेश की प्रति पंजीयन महानिरीक्षक को कराये उपलब्ध

बिलासपुर / न्यायधानी के वैध अवैध के खेला का हल्ला पूरे प्रदेश भर में है। इसी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने समस्त कलेक्टरो, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, आयुक्त नगर निगम, विकास प्राधिकरण को अवैध प्लॉटिंग व नियमों के विपरीत खसरों के विक्रय पर अनाधिकृत रूप से प्रतिबंध के खेल पर नाराजगी जाहिर करते हुए इससे पक्षकारों को हो रही परेशानी और शासन को होने वाली राजस्व हानि का हवाला दे वर्तमान में विद्यमान प्रतिबंध और आदेश के निरसन होने के आदेश की प्रति पंजीयन महानिरीक्षक को उपलब्ध कराने निर्देश दिये है। जारी आदेश में कहा गया है कि कतिपय प्रकरणों में स्थानीय स्तर पर कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, आयुक्त नगर निगम, विकास प्राधिकरण आदि के द्वारा अवैध प्लॉटिंग अथवा अन्य कारणों से नियमों के विपरीत किन्ही खसरों के विक्रय पर अनाधिकृत रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

इससे जहां आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पडता है, वही दस्तावेज का पंजीयन न होने से शासन को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित होता है।
शासन ने स्प्ष्ट निर्देश दिए कि ऐसे अधिकृत प्रतिबंध और प्रतिबंध हटाने की विधिवत सूचना महानिरीक्षक पंजीयक को दे, ताकि इसके चलते पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़े और पंजोयन व शासन का राजस्व प्रभावित न हो।
शासन ने अचल संपत्ति के हस्तांतरण के विषय में निष्पादित दस्तावेज के पंजीयन से संबंधित प्रावधान रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 तथा रजिस्ट्रीकरण नियम, 1939 से प्रशासित होते है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की धारा 19, 20, 21(1) एवं (4), 23, 34 एवं 35 (3) सहपठित छत्तीगसढ़ रजिस्ट्रीकरण नियम 35 के अन्तर्गत दस्तावेजों के पंजीयन से इंकार के संबंध में स्पष्ट प्रावधान है। उक्त के अलावा अन्य किसी आधार पर पंजीयन से इंकार तब तक नही किया जा सकता है जब तक सक्षम न्यायालय प्राधिकारी का कोई स्पष्ट आदेश न हो।
शासन ने स्प्ष्ट किया कि
शासन की मंशा है अवैध प्लाटिंग एवं अवैध कालोनियों पर रोक लगाने की है, परन्तु इसकी वजह से आम आदमी को कठिनाईयों का सामना न करना पड़े इसे ध्यान में रखा जाए।
प्रावधानों के विपरीत जिले में रजिस्ट्री पर प्रतिबंध न लगाया जाए और यदि कोई प्रतिबंध वर्तमान में विद्यमान हो तो पंजीयन महानिरीक्षक को आदेश की प्रति उपलब्ध कराये।

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