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सिरगिट्टी के सेंट जेवियर्स स्कूल के टीचर पर चाकू की नोक पर छात्रा के अपहरण और अनाचार के आरोप से भड़का आक्रोश, बजरंग दल ने शाला परिसर में उग्र प्रदर्शन कर की नारेबाजी, एसएसपी के फटकार के बाद लिखी एफआईआर, मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार…

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0 महिला सम्बन्धी आरोपो पर गम्भीरता के दावों की खुली पोल

0 थाने से भगाया, एसएसपी के फटकार के बाद लिखी गई एफआईआर

बिलासपुर ,,, न्यायधानी के सिरगिट्टी सेंट जेवियर स्कूल की नाबालिग छात्रा का टीचर द्वारा चाकू की नोक पर अपहरण और दैहिक शोषण व पुलिस की कार्यशैली की खबर से सोमवार को पूरे दिन बवाल मचा रहा।
आक्रोशित बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जहा स्कूल का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। वही भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिरगिट्टी थाने में डेरा डाल दबाव बनाया। एसएसपी की नाराजगी के बाद पुलिस ने प्रिंसिपल और दो टीचर के खिलाफ अपराध दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है।

सिरगिट्टी थानेदार अभय सिंह बैस ने बताया कि मामला पिछले साल दिसंबर 2025 का है। 15 वर्षीय छात्रा सिरगिट्टी के सेंट जेवियर्स स्कूल में कक्षा 10 वी में पढ़ती थी, अब वह स्कूल छोड़ चुकी है, गत दिसम्बर माह में उसके स्कूल का टीचर राहुल बंगारू बाइक से उसके पास पहुँचा और नाबालिग को चाकू दिखा दिनदहाड़े तोरवा क्षेत्र के एक ओयो होटल में ले जाकर उसका दैहिक शोषण करने के बाद उसे मोहल्ले में छोड़कर भाग गया। लड़की ने लोकलाज के डर से घर मे नही बताया पर स्कूल की प्रिनिसिपल और दो टीचरों को इसकी जानकारी दी थी, लड़की के परिजन लड़की को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने पहुचे, मामले में प्रिनिसिपल और दो टीचरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आरोपी टीचर राहुल बंगारू गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि
प्रिंसिपल और शिक्षकों ने मामले को दबाने का प्रयास किया

परिजनों ने लगाया आरोप

परिजनों के अनुसार वे इस बात का पता चलने पर वे सुबह लड़की को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने सिरगिट्टी थाने गए थे,
लेकिन एफआईआर दर्ज करने के बजाय उन्हें घटनास्थल थाना क्षेत्र के बाहर होने का हवाला दे तोरवा थाना जाने कह दिया गया। वे लोग पीड़िता को लेकर
तोरवा और सिरगिट्टी थाने के चक्कर काटते रहे। घण्टो उन्हें थाने में बिठाया गया। मामले के संज्ञान में आने के बाद जब एसएसपी रजनेश सिंह ने फटकार लगाई तब सिरगिट्टी पुलिस हरकत में आई और एफआईआर दर्ज कर आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया गया। सवाल यह उठ रहा कि उच्चाधिकारियों के लगातार निर्देश के बाद भी महिला सम्बन्धी अपराधों में कोताही क्यो… क्यो बिना एप्रोच और अफसरो के फटकार की जरूरत पड़ रही है।

असंवेदनशीलता को लेकर उठे सवाल

सरकार का नारा है बेटी पढाओ- बेटी बचाओ पर न्यायधानी के स्कूल में एक बेटी सुरक्षित नही है, इस घटना ने उन हजारों लाखों पालकों के मन मे असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया जो सरकार के इन दावों पर विश्वास कर अपनी बेटियों को स्कूलो में पढ़ने भेज रहे है।

स्कूल के प्रिनिसिपल की सफ़ाई

इधर सिरगिट्टी सेंट जेवियर्स स्कूल की प्रिनिसिपल का कहना है कि कल मामला खदबदाबने के बाद उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। पीड़िता और उनके परिजनों ने उन्हें या स्कूल स्टाफ़ को लिखित, मौखिक कोई जानकारी नही दी है।
जिस छात्रा ने ये आरोप लगाया है वो पिछले साल 10 वी के बाद स्कूल छोड़ चुकी है, मामले में जिस आरोपी टीचर राहुल बंगारू का नाम आ रहा उन्होंने भी पिछले साल गत जुलाई 2025 को इस्तीफा दे दिया है।

वो दिन कब आएगा

न्यायधानी के कांनूं व्यवस्था का हाल पढ़ावत है ददा पढ़ावत है दाई अउ  टूरी निकल गए… टाइप का है अफसर महिला सम्बन्धी अपराध पर त्वरित कार्रवाई का दावा कर रहे, एप्प से एफआईआर का दावा कर रहे लेकिन हकीकत ठनठन गोपाल है, थाने में पीड़ितो की बिना एप्रोच बिना अफसरो के फटकार के एफआईआर दर्ज नही हो रही। पब्लिक पूछ रही कि वो दिन कब आएगा जब बिना एप्रोच और बिना उच्चाधिकारियों के फटकार के बिना उनकी एफआईआर कब दर्जनकी जाएगी। विचित्र माहौल है शहर से लेकर गावो तक के थानों में एक जैसा हाल है, हर थाने के बाहर पीड़ितों की भीड़ लगी रहती है कोई देखने- सुनने वाला नही है।

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