
बिलासपुर/ लगता है नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 2 तिफरा- सिरगिट्टी में सच्चा झूठा फ़िल्म चल रहा। ठेकेदार के डोर टू डोर कचरा संकलन करने वाले कर्मचारी और इनका नेतृत्व कर रहे स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष 3-3, 4-4 माह से पगार न मिलने से अपने आर्थिक विपन्नता का रोना रो रहे वही जॉन कमिश्नर इन आरोपो को गलत बताते हुए कहा रहे कि किसी का 4 माह का पगार रुका होगा तो वे अपने पद से अभी इस्तीफा दे देंगे।
इन पीड़ित कर्मचारियों कहना है कि पहले वे ठेकेदार अमित चतुर्वेदी के अधीन टिपर में डोर टू डोर कचरा संकलन का काम करते थे। ठेकेदार का टेंडर खत्म हो गया है तीन माह हो गए पगार नही मिलने के कारण उन्हें घर चलाने में दिक्कत हो रही है, छोटे- छोटे बच्चे है, राशन पानी की बहुत दिक्कत है कई बार ठेकेदार और जॉन कमिश्नर को अवगत कराया जब किसी ने ध्यान नही दिया तो आज सोमवार को उन लोगो ने टिपर खड़ा कर कचरा संकलन का काम बंद कर दिया।
इन पीड़ित कर्मचारियों ने स्वयत्त्साशी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नन्दकुमार कुशवाहा और सुरेश तिवारी के नेतृत्व में जॉन कमिश्नर श्री उपाध्याय को ज्ञापन सौंप रुका हुआ पगार दिलाने मांग की, उन्होंने एमआईसी से मंजूरी करा एक सप्ताह के अंदर भुगतान करने आश्वासन दिया है।

न ठेकेदारों को भी न अफसरो को
नगरीय प्रशासन मंत्रालय ने सभी निकायों को फरमान जारी कर नियमित स्टाफ को हर माह की 5 तारीख और टास्क, दैनिक व ठेका कर्मियों को 7 तारीख तक वेतन- पारिश्रमिक का भुगतान कराने निर्देश दिये है, बावजूद इसके इन कर्मचारियों को आज तक अपने हक के पारश्रमिक के लिए तानानाना करना पड़ रहा है…



