ब्रेकिंग

जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड को पीड़िता को रकम वापस करने और अन्य देयकों का भुगतान करने दिए आदेश, मामला साढ़े 7 लाख की पेशगी लेने के बाद भी कैंसर पीड़ित ग़म्भीर मरीज को न्यायधानी से दिल्ली ले जाने एम्बुलेंस सेवा देने में कोताही से हुई मौत के आरोप का…

Spread the love

बिलासपुर । साढ़े 7 लाख रुपये पेशगी लेने के बावजूद कैंसर पीड़ित मरीज को एयर एम्बुलेंस मुहैया न कराने के कारण सेवा में कथित लापरवाही से हुई मरीज के मौत मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिलासपुर ने बिलासपुर निवासी एक महिला की शिकायत पर सुनवाई करते हुए एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए कंपनी को शिकायतकर्ता को भुगतान की गई राशि वापस करने व अन्य मदों में भुगतान करने का आदेश दिया है।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए एयर रेस्क्यूअर्स वर्ल्डवाइड प्राइवेट लिमिटेड को 7 लाख 50 हजार रुपये अग्रिम रूप से जमा कराया था।

आरोप है कि तय तिथि पर एयर एम्बुलेंस उपलब्ध न कराने के कारण मरीज को निर्धारित समय पर दिल्ली नहीं ले जाया जा सका। बाद में मरीज की मृत्यु हो गई। शिकायतकर्ता ने
जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष सेवा में कमी के कारण हुई क्षति के मामले में परिवाद प्रस्तुत किया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य आलोक पांडे ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज, उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों के तर्कों के परीक्षण व सुनवाई के बाद संबंधित कंपनी द्वारा निर्धारित सेवा में कमी के कारण उपभोक्ता को हुए आर्थिक नुकसान व मानसिक प्रताड़ना के मामले में जारी आदेश में कंपनी को 45 दिनों के अंदर शिकायतकर्ता को एयर एम्बुलेंस सेवा के लिए जमा कराई गई 7 लाख 50 हजार रुपये वापस करने, उक्त जमा राशि पर निर्धारित दर से ब्याज का भुगतान करने,मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के मद में भी अतिरिक्त राशि अदा करने का आदेश कंपनी को दिया है। साथ ही कम्पनी को निर्धारित अवधि में आदेश का पालन न करने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए आगाह किया हैं।


जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य आलोक पांडे ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने निर्णय पारित किया है, जिसमें सेवा में वेब कमी को ध्यान में रखते हुए शिकायतकर्ता को राहत प्रदान करने का आदेश दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *