ब्रेकिंग

न्यायधानी के नगर निगम में बम्फर सुशासन, पार्षद की शिकायत पर कबाड़काण्ड और राजस्व वसूली के 15 लाख डकारकाण्ड में एक साल बाद भी कोई कार्रवाई नही, साढ़े 24 हजार की रसीद टिका 50 हजार अंदर करने वाले स्टाफ को मुख्यालय का तोहफा…

Spread the love

बिलासपुर / नगरीय प्रशासन मंत्री और केंद्रीय राज्यमंत्री के संभागीय जिला मुख्यालय न्यायधानी बिलासपर के नगर निगम में रामराज जैसा माहौल है, बड़े बड़े कांड हुए और हो रहे शिकायते भी हो रही पर कार्रवाई के नाम पर बमबम है। 1 साल हो गए तिफरा- सिरगिट्टी जोन से लाखों के कबाड़ चोरी की शिकायत को पर कोई कार्रवाई नही,,, उल्टे ऐसे अफसर- कर्मचारी को उल्टे मुख्यालय ले आ रहे है, जोन 8 कोनी की घटना से बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है। यहां 1 कर्मचारी ने भूखंड के टैक्स के नाम पर नक्शा पास कराने और शासकीय योजना का लाभ दिलाने का झांसा दे 24500 रुपये की रसीद टिका 50 हजार रुपये झटक लिए शिकायत हुई फजीहत मची तो शिकायतकर्ता को चेम्बर में बुला उचन्ति लिया गया 25 हजार 500 लौटा दिया गया। इतना ही नही उस कर्मचारी को उल्टे निगम मुख्यालय बुला लिया गया कि ऐसी प्रतिभा है तो आप यहां के लायक हो टाइप। हालात ये है कि साल भर से शिकायत लेकर भटक रहे परज़्ड ने फिर 13 जुलाई को इसकी शिकायत कलेक्टर के समक्ष कर कार्रवाई की मांग की है।

जोन दफ्तर से कबाड़ चोरी और राजस्व वसूली के 15 लाख रुपये के अगड़म- बगड़म करने के मामले की शिकायत खेदू- बरातू ने नही खुद जनता के चुने  भारतीय जनता पार्टी के पार्षद सीमा संजय सिंह ने की, पार्षद ने निगम आयुक्त, कलेक्टर से शिकायत की, जब कोई कडरवाई नही हुई तो सामान्य सभा मे इस मुद्दे को उठाकर कडरवाई की मांग की पर 1 साल हो गए कोई कार्रवाई नही की गई। सवाल यह उठ रहा कि क्या इसी को सुशांसन कहते है, क्या इन्ही के लिए सुशांसन है। एक लाइन की बात है कि यदि आरोप सही है तो आरोपित अफसर पर कार्रवाई की जाए और यदि आरोप गलत है तो झूठा लांछन लगाकर निगम प्रशासन की छवि धूमिल करने वाले जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई कर जिम्मेदार निगम की छवि को धूमिल होने से बचाये। जोन क्रमांक 8 कोनी जोन का मामला तो और ब्लंडर है, एक नागरिक ने अपनी क्रय की गई जमीन पर भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने कोनी के जॉन दफ्तर पहुँचा, तो उन्हें वहां कार्यरत कर्मचारी ने खाली जमीन का टैक्स अदा करने और शासकीय आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा दे 50 हजार रुपये लेकर दूसरे दिन 24500 का रसीद टिका दिया, बात न बनने पर आवेदक ने शेष रकम वापस मांगा तो स्टाफ ने हाथ खड़े कर दिए, पीड़ित आवेदक ने इसकी शिकायत निगम आयुक्त और कलेक्टर से की तो मामला गदफदा गया। जमकर

फजीहत हुई तो आवेदक को चेम्बर में तलब कर उचन्ति ली गई रकम वापस कर दी और कार्रवाई के नाम मनमाँगे इनाम की  तरह होनहार कर्मचारी को जॉन दफ्तर 8 से निगम  मुख्यालय बुला लिया गया,,,?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *