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भोंगरा ही भोंगरा, 1300 करोड़ से अधिक का बजट और स्मार्ट सिटी की ठसक के बाद भी मरता है कोई तो मर जाए टाइप हाल क्यो…?

बिलासपुर/ शहर के नागरिक अंधेरे में डूबे गड्ढेदार सड़को पर मवेशियों के पसरे झुंड और खुले खतरनाक गड्ढो बीच से जान जोखिम में डालकर आवागमन करने विवश है।
मुख्यमार्ग से लेकर गलियों तक ऐसा ही नजारा है। ताज्जुब की बात ये है कि 1300 करोड़ का सालाना बजट है 8-8 जोन दफ्तर है, स्मार्ट सिटी का तमगा भी है… तो फिर वजह क्या है, क्या फंड की कमी है, कि अफसर अपने क्षेत्र में भृमण नही करते या फिर काम करना और कराना ही नही चाहते क्योकि मंत्री नेता चीख- चीखकर कह रहे कि जनसुविधा और विकास कार्यो के लिए फंड की कोई कमी नही तो फिर इनकी रेत, गिट्टी और सीमेंट कौन डकार जा रहा…?


इन तस्वीरों में आप खुद देख लीजिए…ये पहली तस्वीर राजकिशोर नगर शनिमंदिर के बगल पंचवटी कालोनी जाने वाले मार्ग की है। जो केवल लापरवाही ही नही भ्र्ष्टाचार और गुणवक्ता के दुंदुभी को भी बया कर रहा। करीब साल- डेढ़ साल पूर्व एक निजी कालोनी से विकास की गंगा बहाने नाले का निर्माण कराकर स्लैब डलवाया गया,,मंदिर के मोड़ पर नाले के ऊपर की गई ढलाई ही धँसक गई जो खुद अपनी गुणवक्ता का बखान कर रही है। अंधेरे के कारण यहाँ कार- बाइक घुस गई लोग हताहत हुए पर किसी को कोई मतलब नही…मोहल्ले के जागरूक नागरिक कभी नाले पर खम्भा तो कभी पेड़ो की डगाल यहां लगा लोगो को आगाह करने कोशिश कर रहे।

ये दूसरी तस्वीर चाँटीडीह सब्जी मंडी- साइंस कॉलेज रोड से लगे अंजनी विहार कालोनी के प्रवेश द्वार का है, आप खुद देखिये कैसे नाले के कलवर्ट के बीच बड़ा होल हो गया है, बताया जा रहा कि करीब महीने भर पहले बाढ़ और जलभराव के दौरान कलवर्ट के ऊपर ये होल हुआ तब से ऐसे ही खुला पड़ा था, यहां भी नागरिकों ने ही लोगो को हताहत होने से बचाने पहले पेड़ की डगाल लगाई, फिर डंडा और झंडा लगाया इसके बाद भी जब जिम्मेदारों ने सुधि नही ली तो गड्ढे को बोल्डर डालकर पाट दिया ताकि किसी की मांग का सिंदूर न उजड़े किसी की गोद न उजड़े।

चाँटीडीह सब्जी मंडी के आगे चाँटीडीह- चिंगराजपारा स्कूल रोड का भी ऐसा ही नजारा है यहां जगह-जगह नाले नालियों के भकारी भरकम स्लैब टूटे या उलट पलट पड़े है, ऐसा नही है कि गड्ढो और अव्यवस्था के आलम इसी क्षेत्र में है कमोबेश पूरे शहर की ऐसे ही तस्वीरे है ऐसा ही हाल है…?

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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