
बिलासपुर,,, प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए लागू कैश लेस चिकित्सा सुविधा के दिशा-निर्देश 2026 का छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने स्वागत किया है! हालांकि, योजना को पूरी तरह कर्मचारी हितैषी बनाने के लिए संघ ने छह सूत्रीय सुधार की मांग उठाई है!
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने कहा कि कैश लेस चिकित्सा सुविधा कर्मचारियों को गंभीर बीमारी के दौरान आर्थिक संकट से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है! वर्तमान में इलाज के लिए पहले अपनी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है! और बाद में प्रतिपूर्ति की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है!

उन्होंने मांग की कि O.P.D उपचार को भी कैश लेस सुविधा में शामिल किया जाए… ताकि गंभीर बीमारियों और सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए CGHS पैकेज दरों की समीक्षा हो तथा आपातकालीन इलाज में पूर्व अनुमति की बाध्यता समाप्त अथवा सरल की जाए…
इसके अलावा अधिकाधिक निजी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को योजना से जोड़ने, वार्षिक उपचार सीमा और बीमारियों के कवरेज को स्पष्ट करने तथा अस्पतालों की मनमानी व अतिरिक्त वसूली पर निगरानी की मांग की गई है!
तिवारी ने कहा कि संघ योजना का विरोध नहीं, बल्कि इसे पारदर्शी और प्रभावी बनाना चाहता है! कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के साथ आर्थिक सुरक्षा मिलना भी जरूरी है!
