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अपुन कौन बम्बईया स्टाइल में अपहरण का बंदी चला रहा सेंट्रल जेल में एकछत्र राज, चीफ जस्टिस को भेजा गया पत्र वायरल अधीक्षक से लेकर डीजी जेल तक का नाम


0 बंदी सुधार गृह कहलाता था अब हो रही गैंगेस्टर की ट्रेनिंग

0 सोने खाने नशे के सामान मार खाने से बचाने और मारने सबका शुल्क तय

बिलासपुर। बिलासपुर सेंट्रल जेल में बन्द बंदियों के वायरल पत्र से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को बाई पोस्ट भेजे गए पत्र का है जिसमे जेल में चल रहे नशे के कारोबार और गोरखधंधे का पूरा खाखे का मजमून है।शिकायतकर्ताओं ने जेल अधीक्षक और डीजी जेल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया हैं। पूरे चंडाल चौकड़ी का सरगना चर्चित विराट अपहरण काड के आरोपी को बताया गया है।
अब तक आपने फिल्मों में ही ये सब देखा होगा पर अब बिलासपुर सेंट्रल जेल से इस तरह के चौकाने वाले मामले सामने आ रहे। इससे पहले भी प्रभावशाली बंदियों की जेल में एक चर्चित महिला से मुलाकात कराने को लेकर सिरफुटौव्वल भी हो चुका है और अब सेंट्रल जेल में कैदियों और हवालातियों से अवैध वसूली को लेकर खलबली मची है।
दरअसल जेल में चल रहे गोरखधंधे और बंदियों को दी जा रही प्रताड़ना से हलाकान कैदी अंजोर बंजारे और अन्य बंदियों के परिजनों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में एक शिकायत पत्र भेजा है। जिसमे परिजनों ने जेल अधीक्षक और डीजी से लेकर अंदर नशे का कारोबार और फिल्मों की तर्ज पर हुकूमत चला रहे चर्चित बंदियों की पूरी पोल खोलकर रख दी है।


ये है आरोप
0आरोप है कि जेल में अपहरण के मामले में सजा काट रहे एक कैदी ने जेल को अपना अय्याशगाह और गोरखधंधे का अड्डा बना लिया है।

0 अपहरण का आरोपी और उनके गुर्गे बैरक में सोने के लिए जगह देने से लेकर प्रोटेक्शन और नशे का सामान मुहैया कराने उनसे घर से पैसा मंगा मोटी रकम वसूल रहे।
0 आरोप है कि दबंग अपहरण का बंदी रुपये की मांग पूरी न होने पर अन्य बंदियों को प्रताड़ित कर मारपीट करने की धमकी देता है।
0 पावर इतना कि बंदियों को दूसरे बैरक में स्थानांतरित करवाने तक का दम रखता है। आरोप है कि जबरन वसूली की शिकायत लंबे समय से है, इसके बाद भी जेल प्रशासन ने आजतक कुछ नही किया।


ऑनलाइन पेमेंट की भी सुविधा


शिकायत के अनुसार, जेल में नशे के सामान की भी बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। इस नशे के सामान को बंदियों तक पहुंचाने के लिए संबंधित कैदी भारी रकम वसूल रहा है। लगभग 4 से 5 लाख रुपये  उसके भाई के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का भी आरोप।है।

  • मोबाइल के लिए भी उगाही*

कैदियों के परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर रसूखदार बंदियों को मोबाइल की भी सुविधा है। इस सुविधा के लिए भी कैदियों से मोटी रकम ली जा रही।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

कैदियों के परिजनों ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से न्याय की गुहार लगाते हुए सेंट्रल जेल में चल अवैध गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच करा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते जेल के अंदर चल रही गुंडागर्दी और अवैध उगाही पर रोक नही लगाई गई तो कभी भी।कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।


और ये है प्राइज लिस्ट

जेल में बीड़ी 200/-रू. क‌ट्टा, तम्बाखू का पैकेट 100/-रू. गांजा का जीपर 500/-रु. और मेडिकल नशे की गोली 100/-रू प्रति टेबलेट उपलब्ध है और अच्छा खाना रोटी, सब्जी, चाय दिलाने प्रतिमाह 3500 रुपये की वसूली की जा रही।


घटिया समान सप्लाई घटिया खाना

जेल के खाने का स्तर बहुत खराब है चावल में कीड़ा, दाल के नाम पर पीला रंगीन पानी बिन मिर्च मसाले की उबली सब्जी। पानीदार चाय दिया जा रहा सप्लायर द्वारा घटिया चावल, दाल और महीने का जरूरी सामान सप्लाई किया जा रहा और खुलेआम कहता है कि जिससे शिकायत करना है कर ले उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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