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अपोलो बन गया बैडमैन, न शासन-सत्ता का डर न विपक्ष का, फर्जी डॉक्टर के इलाज से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत से उपजे असंतोष के बाद भी प्रबंधन ने नही दी डॉक्टरों के डिग्री की जानकारी…आखिर क्यू…?

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0 किस काम की ऐसी घुड़की और किस काम का ऐसा आंदोलन

0 मुद्दा शांत हुआ भूल गए नेता समर्थक सब, डार्कवेव के बाद भी अपोलो का बालबांका नही हुआ

बिलासपुर। अपोलो ने विधायक के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को भी गच्चा दे दिया। एमपी के दमोह में’ फर्जी’ हृदय रोग विशेषज्ञ के ऑपरेशन से हुई 7 मौतों के बाद जब ये पता चला कि ये वही फर्जी डॉक्टर है जिनके ऑपरेशन से 19 साल पहले बिलासपुर अपोलो में  छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की मौत हुई थी। इसके बाद जमकर बवाल मचा कांग्रेस ने आंदोलन किया फर्जी डॉक्टर को मामला दर्ज कर दमोह से रिमांड पर बिलासपुर लाया गया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने ज्ञापन सौंपकर अपोलो प्रबन्धन से यहाँ पदस्थ डॉक्टरों की डिग्री और डिटेल जानकारी मांगा लेकिन चर्चित और बदनाम अपोलो प्रबंधन ने आज तक कांग्रेस कमेटी को जानकारी ही नही दी, जिससे अब स्थानीय नागरिकों में अपोलो प्रबंधन के चिकित्सा सुविधाओं को लेकर विश्वास का संकट खड़ा हो गया।

19 साल पहले गत 20 अगस्त, 2006 में यहां अपोलो अस्पताल में डॉ विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जॉन कैम
ने ही पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के हार्ट की सर्जरी की थी। इसके बाद उनकी मौत हो गई थी,
मध्य प्रदेश में हुई 7 मौतों के मामले में जैसे ही पुलिस ने कथित फर्जी मेडिकल डिग्रीधारी आरोपी डॉ को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे प्रदीप शुक्ला ने भी आरोप लगाया कि कथित डॉक्टर के इलाज से उस समय उनके पिता समेत लगभग 80 प्रतिशत मरीज़ों की अपोलो में मौत हुई थी।

पहले दिखाया जलवा जलाल, फिर खींचा हाथ

अपोलो प्रबंधन ने इसी कथित फर्जी डॉक्टर को मध्य भारत के सर्वश्रेष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ के रूप में पेश किया था, इतना ही नही उस समय अच्छी कमाई देने वाले इस कथित डॉक्टर की अपोलो के गेट पर रोज आवभगत होती थी, अपोलो में घुसते ही उसके आगे पीछे गार्ड तैनात रहते थे। इतनी मौतों के बाद भी अपोलो प्रबंधन ने भेद खुलने पर सच्चाई छिपाते हुए डॉक्टर को गुपचुप तरीके से निबटाकर अपना पल्ला झाड़ लिया ताकि हॉस्पिटल की बदनामी न हो।

देनी होगी, नही तो करेंगे आंदोलन

जिलाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अपोलो प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर जानकारी मांगी गई थी कि आपके संस्थान में कितने डॉक्टर है, कहां के रहने वाले है, उनकी डिग्री क्या है, पर अपोलो प्रबंधन ने आज तक जानकारी नही दी, उन्हें जानकारी देनी होगी नही देंगे तो फिर आंदोलन करेंगे।

पूर्व मंत्री के करीबी पूर्व मेयर की मौत का भी लग चुका दाग

इसी अपोलो बिलासपुर में 17 साल पहले गत 12 अगस्त 2008 की रात बिलासपुर नगर निगम के पूर्व मेयर अशोक पिंगले की एंजियोप्लास्टी के बाद बुखार से मौत हो हुई थी। उस समय अपोलो के डॉक्टर जयराम अय्यर पर लापरवाही से इलाज करने और अपोलो पर साक्ष्य छिपाने के आरोप लगे। खूब हंगामा मचा अपोलो के इस डॉक्टर पर गैस्टिक से पीडित मरीजो के जबरिया हार्ट का ऑपरेशन करने के आरोप लगे…

विजय केशरवानी, अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर

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