ब्रेकिंग

भालू का हमला,  24 घंटे में दो लोगों की मौत, 5 लोग घायल

Spread the love

बिलासपुर/ मरवाही वनमंडल के बेलझिरिया ग्राम में जंगली भालू के हमले से 24 घंटों के भीतर 13 वर्षीय बच्ची समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है।

और चीखती रही विद्या-

शुक्रवार शाम  बेलझिरिया निवासी 13 वर्षीय विद्या केवट  बकरी चराने  जंगल से लगे खेत के तरफ गई थी। तभी भालू ने उस पर हमला कर दिया। जिससे उसके चेहरे और पीठ पर गंभीर चोटें आ8 और  मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार हमले के दौरान बच्ची की चीख-पुकार सुनकर लोग दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

1 की  मौत 2 घायल-

दूसरे दिन शनिवार को तड़के सुबह फिर  जब गांव के कुछ लोग मशरूम बीनने जंगल की ओर गए थे तब भालू ने  हमला किया। इस हमले में 50 वर्षीय चरणसिंह खेरवार, 30 वर्षीय रामकुमार और 32 वर्षीय सुक्कुल प्रसाद घायल हुए । जिससे  सुक्कुल प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।  वही चरणसिंह और रामकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका मरवाही अस्पताल में इलाज जारी है।

गए थे खेत देखने, 2 घायल-

शनिवार को ही आक्रामक भालुओं ने खेत देखने गए करगिकला निवासी सेवक लाल यादव (30) और सेमलाल गोंड (45) पर भी हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें भी मरवाही अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डेढ़ माह में 20 से अधिक हमले-


पिछले डेढ़ महीने में मरवाही वनमंडल में भालुओं द्वारा किए गए 20 से अधिक हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में पेड़ों की कटाई, अवैध कब्जा और वन संसाधनों के दोहन के चलते जंगली जानवर, खासकर भालू, गांवों और खेतों की ओर बढ़ रहे हैं। भालू पहले की तुलना में ज्यादा आक्रामक होते जा रहे हैं। ग्रामीण अब अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों की जांच की जा रही है और भालू को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने भी लोगों को सावधानी बरतने और रात के समय जंगलों के आसपास न जाने की सलाह दी है।
मरवाही के ग्रामीणों का कहना है कि भालू के लगातार हमलों ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। लोग खेतों में काम करने से डर रहे हैं, और बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी संकोच हो रहा है। वन विभाग द्वारा जंगली जानवरों के हमले रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *