0 वरिष्ठ आदिवासी भाजपा नेता पूर्व गृह मंत्री ने फिर ठोकी ताल

0 कहा न झुकेगा न डरेगा, जहा रोकेंगे वही देंगे धरना

रायपुर। भ्र्ष्टाचार का आरोप लगा कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ सीएम के बंगले के सामने धरना देने जा रहे प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ आदिवासी व भाजपा नेता ननकीराम कंवर और उनके करीब 300 समर्थकों को राजधानी पुलिस ने शनिवार को रास्ते मे ही रोक एम्स अस्पताल के पास एक भवन में कैद कर लिया।
मुख्यमंत्री और उच्चपदस्थ अफसरों को उन्होंने पिछले दिनों ज्ञापन सौंपकर कोरबा कलेक्टर अजित बंसल पर भ्र्ष्टाचार और अन्य आरोप लगा उन्हें कोरबा से हटाने और न हटाने पर 4 अक्टूबर को सीएम हाउस के सामने अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठने अल्टीमेटम दिया था। इसके बावजूद शासन- प्रशासन ने उनके ईद ज्ञापन पर न तो कोई कार्रवाई को न कोई चर्चा, शासन- प्रशासन कर इस रवैये से नाराज पूर्व गृह मंत्री शनिवार को अपने करीब 300 समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री आवास सिविल लाइन की ओर नारेबाजी करते रवाना हुए,
पुलिस ने श्री कंवर और उनके समर्थकों सीएम हाउस के घेराव के पहले ही रोक दिया और एम्स के पास एक भवन में उन्हें कैद कर लिया। इस दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ,एसडीएम और बड़ी संख्या में जवान तैनात रहे।
पूर्व गृह मंत्री का ये धरना उसी दिन हुआ जिस दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहे, वे यहां बस्तर और दंतेवाड़ा जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने पहुँचे थे, उनके इस कदम ने
सरकार और संगठन के नेताओं को टेंशन बढ़ा दिया।
इतना ही नही भाजपा के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता श्री कंवर को मनाने पहुँचे, नेताओ ने इसके लिए पूर्व गृहमंत्री के बेटे संदीप को भी लगाया पर बात नही बनी,
जहाँ रोकेंगे वहीं दूंगा धरना -ननकीराम
पूर्व गृहमंत्री श्री कंवर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोके जाने पर इसे
दर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र की हत्या बताते हुए कहा कि वे इस कार्रवाई से डरने और पीछे हटने वाले नहीं। कोरबा कलेक्टर अजीत बंसल को हटाने
और अनियमितताओं की जांच की मांग पर वे अटल है, जहाँ उन्हें रोका जाएगा वे वहीं लोकतांत्रिक ढंग से धरना देंगे।
2 बार के कैबिनेट मंत्री 7 बार के विधायक के अपनी ही पार्टी के सरकार के खिलाफ धरने से हो रही फजीहत
श्री कंवर के अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन से चिंता बढ़ गई है मान -मनौव्वल का दौर जारी है। पर अब ये प्रदर्शन वरिष्ठ भाजपा व आदिवासी नेता के लिए साख का विषय बन गया है, वे 2 बार कैबिनेट मंत्री और 7 बार विधायक रहे, और अब अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ धरने से पार्टी संगठन की जमकर फजीहत हो रही है।



