
00 मामला तारबहार थाने से महज 5-7 सौ मीटर दूर सीएमडी कॉलेज के सामने का….
00 झगड़ा बच्चों से बातचीत कर रहे ट्यूटर पर उन्हें अपने ट्यूशन में बुलाने का…
बिलासपुर,,,, नागरिकों की चिकित्सा और शिक्षा सरकार का दायित्व है, पर छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में ये कब के नीलाम हो चुके है, और अब इसको लेकर सड़क पर दंगल हो रहे।
आरोप है कि आचार्य इंस्टिट्यूट के दो टीचरों ने एक ट्यूटर को सिर्फ इसलिए पीट डाला क्योकि वह उनके संस्थान के बच्चों से वह बात कर रहा था। वो भी उनके बच्चों को तोड़कर अपने संस्थान में ले जाने के प्रयास का आरोप लगाकर। इस वीडियो में आप खुद देखिये कोचिंग संस्थान के आचार्य किस तरह युवक से सरेराह हाथापाई मारपीट कर कह रहे की जो उखाड़ना है उखाड़ ले जबकि बगल में उसकी महिला साथी भी खड़ी है।

बताया जा रहा है कि पीड़ित युवक बच्चों से बातचीत कर रहा था, तभी कोचिंग संस्थान के शिक्षक वहां पहुंचे और उस पर उनके छात्रों को अपने ट्यूशन में बुलाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए दोनों शिक्षकों ने युवक पर सरेराह थप्पड़ जड़ मारपीट करने लगे, किसी ने वीडियो बनाया तो बोले उखाड़ लेना इतना ही नही दोनो गुरुजन ने उसे धमकाया भी।की अब इस इलाके में नजर न आए तो… “इस दौरान पीड़ित युवक के साथ एक महिला और मासूम बच्चा भी मौजूद थे,
पीड़ित युवक ने इसकी शिकायत तारबहार थाने में दर्ज कराई, इसका पता चलते ही दोनो मरकन्हा गुरुजी मौके से फरार हो गए।
खबर है कि मीडिया और कानून से मदद मांगने वाले पीड़ित ने
दबंग शिक्षकों से समझौता कर पुलिस से कार्यवाही न करने कह दिया, क्यो, कैसे ये थाने के मांडवाली बादशाह जाने पर स्व यह उठ रहा कि यदि पीड़ित कार्रवाई नही चाहता तो क्या अपराध नही बनता, क्या पुलिस का काम प्रतिबन्धक धाराओं के तहत कार्रवाई कर इस घटना को तिल से ताड़ बनने से रोकना नही है, क्या सरेराह इस तरह मारपीट करना अपराध नही है वो भी तब जब इसका वीडियो भी सामने आ चुका है, फिर उन मामलों में कैसे अपराध दर्ज कर लिए जाते है, जिसमे कोई प्रार्थी नही होते।
क्योकि मामला सरेराह महिला और मासूम बच्चे के सामने ट्यूटर को पीटने का है।



