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शुल्क लेने में आगू, सुविधाएं मुहैया कराने में…

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बिलासपुर। शहर में नगर निगम प्रशासन ने दो पटाखा बाजार की अनुमति दी है। वो भी पिछला बकाया और नए लागू व्यापार शुल्क के साथ लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं दी। न मैदान को समतल कराया न सफाई कराई और और पेड़ो की काटी गई टहनियों को भी नही हटवाया जो किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है। यही वजह है कि कारोबारी शुल्क लेने तो आगे है पर सुविधा मुहैय्या कराने में…

मुंगेली नाका मैदान में सज रहा पटाखा बाजार

सीएमडी कालेज मैदान और स्वीमिंगपूल के बगल मैदान में फटाखा बाजार सज रहा। निगम प्रशासन ने पहली बार पटाखा कारोबारियों पर 5500- 5500 रुपये व्यापार शुल्क लिया है। इसके अलावा सवा लाख मैदान का किराया और पिछला बकाया ये तो निगम का शुल्क है। इसके अलावा टीन शेड और लाइट का एक एक दुकानदार को 19-19 हजार अलग खर्चा करना पड़ेगा।
ये तो हुई शुल्क की बात अब मैदान का हाल देख लीजिये ऊबड़खाबड़ मैदान की सफाई कराना तो दूर यहां पेड़ो के डगाल को काटकर किनारे फेक दिया गया है। आप खुद देखिए कैसे निर्माणाधीन टेम्प्रेरी तीन शेड के दुकान के पीछे सुखी टहनियाँ पड़ी है।

मुंगेली नाका मैदान पटाखा दुकान के पीछे पेड़ की सूखी टहनियाँ सता रहा अनहोनी का डर निगम अमला बेखबर

पटाखा कारोबारियों का कहना है कि यहाँ सुबह से लेकर देर रात तक नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। ऐसे में यदि किसी ने बीड़ी सिगरेट या गांजा पीकर ठूंठ या माचिस की तिली फेंक दी तो क्या होगा क्योंकि बाजार पटाखों का है।

  दुकान का सामान और पटाखे लेकर पहुच रही गाड़िया


कारोबारियों को निगम प्रशासन ने बैठक में पेट्रोल पंप के सामने के गेट के अगले बगल लगे ग्रील को हटवाकर आवागमन के लिए मार्ग को चौड़ा करके देने की बात कही थी वो भी नही किया। बाजार पटाखे का है इसलिये आवागमन के लिए चौड़ा रास्ता देना भी निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है तो फिर वायदे के मुताबिक निगम प्रशासन को कारोबारियों को वे तमाम सुविधाएं देने पहल करना चाहिए जिनका वायदा किया गया है।

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