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छत्तीसगढिहा बिक्कट बढिहा, एसईसीएल के खदान के विरोध में आंदोलनरत ग्रामीणों की झुग्गियां ढहाने जलाने और लाठियां बरसाने पर भड़के ग्रामीण, पथराव व लाठीबाजी में पुलिसवाले और ग्रामीण समेत 40 से अधिक घायल

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0 मामला अम्बिकापुर के अमेरा के ग्राम परसोड़ी कला की
0 283 परिवार प्रभावित, राहत सिर्फ 15-16 को

बिलासपुर/ अम्बिकापुर/ अमेरा के एसईसीएल खदान क्षेत्र में विस्तार के विरोध मे पिछले छह महीनों से चल रहा आंदोलन मंगलवार को विद्रोह में तब्दील हो गया। आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की टीम ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को खदेड़ उनकी झोपड़ियों को तोड़ा और आग के हवाले कर दिया। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए पथराव में 40 ग्रामीण और पुलिसवाले घायल हो गए। घटना का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है।


ग्रामीणों का आरोप है कि सन 2016 में SECL के द्वारा कोल बैरिंग एक्ट 1957 के तहतग्राम परसोड़ी कला की 11.192 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया था, इस कार्रवाई में कुल 238 परिवार प्रभावित हुए पर उनमें से केवल 15-16 लोगों को ही मुआवजा दिया गया, यही वजह है कि मुआवजा और पुनर्वास की समान व न्यायपूर्ण मांग को लेकर ग्रामीण 6 माह से आंदोलन कर हर स्तर पर अपनी मांग पहुँचा चुके है, बावजूद इसके उनकी आवाज नही सुनी गई, मंगलवार को।पुलिस और प्रशासन के भारी भरकम दल ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की बवाल मच गया, जिसके कारण दो बार लाठीचार्ज और पथराव हुआ इस झड़प में 40 से अधिक पुलिसकर्मी और आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणो के घायल होने की खबर है,इसके बाद पुलिस- प्रशासन जहां स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, वही ग्रामीण अब भी मोर्चा खोल वही डेरा डाल खुली चुनौती दे रहे कि खदान को लेकर उनका विरोध जारी है, और आगे भी रहेगा।
ये पहला मामला नही है जब कम्पनियों के लिए भूमिअधिग्रहण करने पर सबसे बड़िहा छत्तीसगड़िहा पर लाठियां बरसाई गई हो, ये घटना जनसुनवाई के ड्रामे का एक बड़ा उदाहरण है,,, क्योकि आरोप 238 परिवारो को उजाड़ महज 15-16 प्रभावितो को बसाने का है…

वायरल वीडियो

पथराव और लाठीचार्ज में 40 से अधिक पुलिस कर्मी और ग्रामीण घायल

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