
बिलासपुर / एसआईआर के कारण निगम कर्मियों को वेतन के लाले पड़ गए, सारा अमला इसी काम मे झोंक दिया गया वसूली हुई नही, मुद्रांक शुल्क का 50 करोड़ शासन ने बिजलीं बिल पटाने रोक दिया, पूरा ठनठन गोपाल हो गया।
हो हल्ला न मचे इसलिए निगम प्रशासन ने केवल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों भर को भुगतान किया, जबकि नियमित अफसरों, कर्मचारियों, टास्क, दैनिक कर्मचारियों को इस बार 7 तारीख हो गए अभी तक भुगतान नही किया गया। सफाई ठेका फर्म वालो को तो सितंबर 2025 से भुगतान ही नही हुआ है, इसलिए बहुत बुरी स्थिति है।
दरअसल निगम स्टाफ को ऐसआईआर में लगा दिया गया, राजस्व की वसूली हुई नही, उम्मीद थी कि मुद्रांक शुल्क के 50 करोड़ से ये संकट फिलहाल टल जाएगा पर इस राशि को शासन ने नगर निगम के पौने दो सौ करोड़ के बकाया बिजलीं के बिल का भुगतान करने रोक दिया, अब कही से कोई जुगाड़ ही नही इसलिए निगम में वेतन संकट खड़ा हो गया,,, निगम के स्टाफ का कहना है कि तत्कालीनन निगम आयुक्त कुणाल दुदावत से लेकर अमित कुमार साहब के कार्यकाल में कभी वेतन की दिक्कत नही हुई, इतने लंबे अरसे बाद सम्भवतः ऐसा पहली बार हुआ है।
नगर निगम न सिर्फ बिजलीं विभाग का सबसे बड़ा पौने दो सौ करोड़ का बकायेदार है बल्कि दीगर प्रान्त की सफाई ठेका वाली कम्पनियों के भी बकाया करोड़ो में है।
निगम के ठनठन गोपाला वाली स्थिति ने निगम के कर्मचारियों की टेंशन बढ़ा दी है, क्योकि उन्हें कब तक और कहा से वेतन मिलेगा ये समझ मे नही आ रहा है।

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