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सिम्स और शिशु भवन पर आरोप, मामला डिलीवरी और इलाज में लापरवाही से नवजात की मौत व आयुष्मान की हकीकत का

0 पीड़ित ने की शिकायतों के पहाड़ पर बैठी सीएमएचओ से

0 आया एक और मामला पहाड़ के नीचे,

बिलासपुर/ मातृ-शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने के जिस जननी सुरक्षा योजना का ढिंढोरा पीटा जा रहा उसकी हकीकत क्या है आप भी जान लीजिए, घुटकू -पण्ड्रीपार के अविनाश डाहिरे ने सिम्स हॉस्पीटल और शिशु भवन के डॉक्टरो पर प्रसव व इलाज में लापारवाही बरतने के कारण नवजात बच्चे की मौत और आयुष्मान योजना के नाम पर मनमाना रकम काटने का करोप लगा इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की है।


सीएमएचओ के समक्ष की गई लिखित शिकायत में अविनाश पिता सुरेश ङाहिरे ने बताया कि गत 24 दिसम्बर 2025 को दोपहर उसने अपनी गर्भवती पत्नी कल्याणी डाहिरे को डिलीवरी के लिए सिम्स हॉस्पीटल में भर्ती कराया।
परीक्षण उपरांत सिम्स के गायनेकोलॉजिस्ट विभाग की लेडी डॉ. ने सब सोनोग्राफी रिपोर्ट दिखने के बाद रिपोर्ट को नार्मल बता नार्मल डिलीवरी की संभावना जताई, रात करीब 10 बजे बुलावे पर प्रसूता को प्रसव कक्ष ले जाया गया, कुछ देर बाद कहा गया कि पेशेंट की तबियत बिगड़ रही तब अविनाश और उसके घर वालो ने सिजेरियन डिलीवरी के लिए कहा तो आरोप है कि उनसे दुर्व्यवहार किया गया , पेशेंट के पेट को गंदे तरीके से दबाने और पीटने के कारण पेशेंट के मुंह से खून निकलने लगा और बच्चा भी पेट के भीतर दब गया। स्थिति बिगड़ने पर दूसरे दिन 25 दिसम्बर को दोपहर 12.30 बजे पीड़िता को ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया, दोपहर 1.30 बजे बच्चे को ऑपरेशन से निकालकर बच्चे के मुंह में ऑक्सीजन लगा एनआईसीयू ले जाया गया फिर कुछ देर बाद बताया गया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्क्त है, यहां मशीन की कमी है एक मशीन में दो बच्चे को स्खते है, उनके द्वारा बच्चे को शिशु भवन ले जाने की सलाह देते हुए वहां आयुष्मान से इलाज होने की बात कहकर शिशुभवन के एम्बुलेंस से बच्चे को लेकर शिशु भवन भेज दिया। आरोप है कि इलाज 3 दिन बाद 28 दिसम्बर 2025 को तब शुरू किया गया जब आयुष्मान कार्ड का रजिस्ट्रर्ड हुआ बकायदा काउंटर में इसके बाद ईलाज शुरू होने की जानकारी दी गई।
साथ ही बताया गया कि आपको बच्चे के दूध, डायपर तथा बच्चे से संबंधित बाहर से कराये जाने वाले टेस्ट का भुगतान नगद करना होगा। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर उसके आयुष्मान कार्ड से 25,410 रुपये कटने का मैसेज आ गया। आरोप है कि गत 2 जनवरी को शिशु भवन के डा. ने बच्चे के रक्त में संक्रमण होने की जानकारी दे ब्लड टेस्ट और ब्लड एक्सचेज का 1200 भुगतान कराया। पूछने पर बच्चे की हालत नाजुक बताई जाती ,अचानक 5 जनवरी को सुबह 3 बजे बुलाकर बताया गया कि बच्चे का पड़कन रूक गई थी, सीने को दबाने से धड़कन वापस आई। इसके बाद उसी दिन दोपहर 1बजकर 49 मिनट पर फिर आयुष्मान कार्ड से 33880/- कटने का मैसेज आ गया। इसके बाद इलाज जारी रहा फिर 8.जनवरी को शिशु भवन से फिर काल आया कि आपके बच्चे की स्थिति नाजुक है तत्काल हॉस्पीटल पहुँचिये जैसे ही वे 9 बजे वे शिशु भवन के NICU-1 में पहुचे, ड्यूटीरत लेडी डॉक्टर ने बच्चे के मौत की खबर बता डिस्चार्ज रजिस्टर में दस्तखत करा नवजात का शव सौप दिया। इसके बाद फिर शाम 4:28 बजे मोबाइल आयुष्मान कार्ड से 1,18,500/- कटने का मैसेज आ गया।
मृत बच्चे के पिता ने ईलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत का आरोप लगा घटना के निष्पक्ष जांच करा सिम्स और शिशुभवन के डॉक्टर के खिलाफ और आयुष्मान योजना के नाम पर मनमाने रकम काट गवर्नमेंट को क्षति पहुचाने वाले दोषी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ताकि फिर किसी परिवार के साथ ऐसी लापरवाही न हो।
पीड़ित श्री डाहिरे ने इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,कलेक्टर व एसएसपी बिलासपुर को भेज न्याय की गुहार लगाई है। अब इस गम्भीर मामले में क्या कैसे और कितनी जांच होगी और दोषियों पर क्या और कब तक कार्रवाई होगी ये बता पाना सम्भव नही क्योकि कोरोनाकाल से लेकर आज तक सैकड़ो शिकायते आई पर आज तक किसी मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नही हुई।

पीड़ित अविनाश डाहिरे

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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