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सरकारी भोंपू बता रहा सब ओके, धान खरीदी न होने से परेशान किसान दिन गुजार रहे रो..रोके…

0 संकट पर संकट राजधानी के अफसर तक नही कर पा रहे निदान
0 किसानों में हताशा और सिस्टम को लेकर आक्रोश

बिलासपुर / समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को महज 16 दिन बाकी रह गए है पर संकट है कि खत्म ही नही हो रहा। ऐसा पहली बार हुआ है। खाद्य विभाग की माने तो जिले में अभी तक 47 लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, 20 लाख क्विंटल का टोकन भी मिल चुका है। जिनका टोकन बाकी है उन किसानों का टोकन काटा जा रहा।

समस्याओं का अंबार किसानों में हाहाकार

इस वर्ष धान की खरीदी शुरुआत से ही गड़बड़ रही, कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था बिगड़ने के डर से आनन- फानन में एजेंसी के जरिये नए कम्प्यूटर ऑपरेटरों की भर्ती की गई, फिर सूची में नाम बदलने से गफलत का मुद्दा छाया रहा, अंततः दबाव के चलते कर्मचारी वापस लौटे तो नए कर्मचारियों को को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, इसके बाद टोकन और लिमिट के लफड़े के चलते अन्नदाताओं को धान की रखवाली के लिए 24 घण्टे खेत और कोठार में घर छोड़ डेरा जमाना पड़ा। अभी तक टोकन का लफड़ा नही सुलझा है एक तरफ खुद खाध नियंत्रक बता रहे कि 20 हजार टोकन कट चुके है और काटे जा रहे,
दूसरी तरफ किसानों की खुश हाली का ढिंढोरा पीटने किसानों के खिलखिलाते चेहरे वाले फोटो और रिलीज भेजे जा रहे है। अभी तक किसानों की जमीन का खसरा रकबा सुधारा जा रहा और भी तरह-तरह की दिक्कतें आ रही, राजस्व विभाग में जमीन जायजाद के रिकॉर्ड दिख रहा तो खाद्य विभाग में गायब है। आये दी वीडियो कांफ्रेंस के जरिये जिले के अफसर राजधानी के अफसरों को आ रही दिक्कतों से अवगत करा रहे पर निदान नही हो पा रहा।

कही किसान आत्महत्या कर रहे तो कही दो पैरों वाले चूहे मौज

तमाम सरकारी दावों के बीच टोकन न मिलने के कारण किसान द्वारा आत्महत्या करने तो कही चूहों के द्वारा करोड़ो के धान खाने का मामला सामने आ रहा। जिसको लेकर अन्नदाताओं में हताशा और नाराजगी है।

अमृत कुजूर, खाद्य नियंत्रक बिलासपुर

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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