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ट्रिपल इंजन की सरकार के जीरो टॉलरेंस का ये हाल, चारों तरफ रिश्वत की मांग, अब जिला अस्पताल से भी डिलीवरी के बाद प्रसूता के परिजनों से खर्चा पानी मांगने के वीडियो से मचा धमाल

बिलासपुर/ एससीबी की लगातार की जा रही पिंक वाटर कार्रवाई के बाद भी सरकारी महकमा किस कदर बेखौफ है, ये भी देख लीजिए…अब न्यायधानी के जिला अस्पताल से डिलीवरी के बाद ‘खर्चापानी’ की मांग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा…

वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक महिला स्टाफ प्रसव के बाद मरीज के परिजनों से पैसों की मांग करती नजर आ रही है। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के बाद ‘रिवाज’ या ‘खर्चापानी’ के नाम पर रकम मांगी जाती है।
जबकि सरकार सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क प्रसव सेवा के नाम पर करोड़ो खर्च कर बैनर पोस्टर टँगवा रही, और इधर सरकारी अस्पताल में खुले आम पैसों की मांग की जा रही है।


इस वायरल वीडियो ने जिला अस्पताल में मुफ्त चिकित्सा के नाम पर मची खुली लूट को उजागर कर दिया है। सवाल उठ रहे कि क्या सरकार अस्पताल स्टाफ को वेतन नही दे रहा, क्या सिविल सर्जन सहअस्पताल अधीक्षक का नियंत्रण अपने स्टाफ पर नही है, या फिर ऊपर की कमाई में सबका साथ सबका विकास हो रहा,,,
गौरतलब है कि अभी हाल ही में कोरिया में पुलिसवालों द्वारा ग्रामीण से भयादोहन कर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 25 हजार की रिश्वत लेने, उसके पहले मस्तूरी में लोन दिलाने के नाम से ग्रामीण से मुर्गा मांगने और छत्तीसगढ़ के एक जिले से रेप पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज करने दारू मुर्गा की मांग करने का मामला सामने आ चुका, दर्जन भर से अधिक अफसर और कर्मचारी भरस्टाचार के मामले में एसीबी के हत्थे चढ़ चुके लेकिन घूसखोरी थमने का नाम नही ले रहा।


भी आ चुके है मामले

जिला अस्पताल से इस तरह का ये कोई पहला मामला नही है, इसी महिला स्टाफ के खिलाफ पहले भी शिकायते आ चुकी है, पर हर बार मामले को दबा दिया जाता है।

जीरो टॉलरेंस को बो रहे धनियां

सरकार के जीरो टॉलरेंस का छत्तीसगढ़ में ये हाल है।
इसका मतलब किसी नियम के उल्लंघन, अपराध या अनैतिक व्यवहार को बिल्कुल भी बर्दाश्त न करने की सख्त नीति है। इस नीति के तहत, गलती कितनी भी छोटी क्यों न हो, बिना किसी नरमी के तुरंत कठोर दंड दिया जाता है पर छत्तीसगढ़ में जोरो टोरलेन्स का धनियां बोआ रहा है, अपने रसूख और पैसे के दम पर कई दागी अफसर फिर दूसरी जगह ठसके से ड्यूटी कर रहे…

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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