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चरमराई विद्युत व्यवस्था के विरोध में रोज- रोज घेराव से व्यथित अभियंता संघ ने सीएम को भेजा पत्र, बताया 12,317 लाइन स्टाफ का काम कर रहे महज 5,747 कर्मचारी हो रही शासन और कम्पनी की छबि खराब,,,

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0 5 बिंदुओं पर मांग रख गिनाई कमियां, की जल्द रिक्तियां भरने मांग

0 मुख्य सचिव से लेकर कम्पनी के मुख्यभियन्ता मानवाधिकार को भेजी प्रतिलिपि

बिलासपुर / चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर लगातार पब्लिक और राजनीतिक दल से घिर रहे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने आखिरकार मुह खोल अपनी पीड़ा जाहिर कर दी। संघ ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र मे विधुत वितरण कंपनी में तकनीकी (लाइन) कर्मचारियों की कमी के कारण उत्पन्न 5 सूत्रीय समस्याओं से अवगत कराते हुए इससे कम्पनी और सरकार की छबि खराब होने का हवाला दे तकनीकी कर्मचारियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा विधुत सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
संघ ने उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि लाइन स्टाफ के कुल 12,317 स्वीकृत पदों के विरुद्ध मात्र 5,747 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, यानि आधे से अधिक 6,570 पद रिक्त हैं, इसके कारण मैदानी कार्य प्रभावित हो रहे।

इस कमी के कारण –

  1. लाइन फाल्ट एवं ब्रेकडाउन सुधार कार्यों में अत्यधिक विलंब। विद्युत आपूर्ति बहाली में अधिक समय लगना, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष। जो की लगातार पत्राचार और अन्य माध्यम से पता चलता है।
  2. सीमित कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार, जिससे कार्य की गुणवता एवं सुरक्षा प्रभावित। एक ही कर्मचारी से अनेक कार्य लिए जाने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना में वृ‌द्धि।
  3. आवश्यक संधारण एवं रखरखाव कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। जिसे कंपनी के नाम के साथ साथ शासन प्रशासन की छवि कहाब हो रही है।
  4. शासन द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों एवं जनसमस्या निराकरण कार्यक्रमों में समयबद्ध कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहा है।
  5. पर्याप्त तकनीकी एवं फील्ड स्टाफ उपलब्ध न होने के कारण स्मार्ट मीटरिंग कार्य, समय पर इंस्टॉलेशन, मॉनिटरिंग तथा E-SEAM जैसी सेवाओं का प्रभावी संचालन कठिन होता जा रहा है। संघ ने बताया कि इन्ही तमाम वजहों से वर्तमान स्थिति में उपलब्ध तकनीकी कर्मचारियों के माध्यम से सुरक्षित एवं सुचारु विद्युत व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत कठिन हो गया है। साथ ही, तकनीकी कर्मचारियों के अभाव में आउटसोर्स कर्मचारियों से विद्युत पोल पर चढ़कर कार्य कराया जाना बाध्यकारी हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है। नियमानुसार उन्हें पोल पे चढ़ कर कार्य करने की पात्रता नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में किसी भी अप्रिय घटना के लिए अभियंताओं को उत्तरदायी ठहराया जाना न्यायोचित नहीं है

इनको भी प्रतिलिपी भेज कराया अवगत

1) मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, रायपुर (छ.ग.)

2) माननीय अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज रायपुर (छ.ग.)

3) प्रबंध निदेशक, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, रायपुर (छ.ग.)

4) प्रबंध निदेशक, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड, रायपुर (छ.ग.)

5) कार्यपालक निदेशक (संचा. संधा.) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, रायपुर (छ.ग.)

6) मुख्य अभियंता (मानव संसाधन), छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी लिमिटेड, रायपुर (छ ग)
को भी प्रेषित किया है।

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