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ब्रिलियंट स्कूल धोखाधड़ी कांड को लेकर सुबह से लेकर आधीरात तक शहर में मचा रहा बवाल, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर लगाये गम्भीर आरोप

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0 मिशन अस्पताल रोड पर स्कूल के शहरी मुख्यालय में देर रात तक पलको एवं विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन

0 मामला बिना मान्यता सीबीएसई पाठ्यक्रम का झांसा दे, सैकड़ो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ का

बिलासपुर। सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता का झांसा देकर साल भर सैकड़ों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ब्रिलियेंन्ट पब्लिक स्कूल और फेलवर शिक्षा विभाग को लेकर आक्रोशित विद्यार्थियों और उनके पालकों ने मंगलवार को सुबह से लेकर आधी रात तक प्रदर्शन कर आक्रोश जताते हुए जमकर नारेबाजी की। इज़के चलते शहर में बवाल मचा रहा
पालकों ने स्कूल प्रबंधन पर ठगी का आरोप लगा मिशन अस्पताल रोड के स्कूल मुख्यालय में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सवाल यह उठ रहा कि जब न्यायधानी के सम्भागीय मुख्यालय के जिला मुख्यालय में शिक्षा व्यवस्था का ये हाल है तो एंटीरियर एरिया में क्या स्थिति होगी चर्चा इस बात की रही।

विद्यार्थियों और उनके पालकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा सीबीएससी पाठ्यक्रम का बोर्ड लगा खूब प्रचार प्रसार किया गया। जिसके चलते उन्होंने अपने बच्चों का ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में दाखिला कराया। ऐन परीक्षा के समय पता चला कि ब्रिलियंट स्कूल के पास सीबीएसई की मान्यता ही नहीं है।

इसको लेकर पूरे दिन व्यापार विहार स्थित ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल प्रबंधन घिरा रहा वहां भो जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
सैकड़ों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर पालकों एवं विद्यार्थियों ने कलेक्ट्रेट में भी प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप स्कूल प्रबंधन धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
आरोप है कि अपनी गलती को दबाने के लिए जब पांचवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों पर दोबारा परीक्षा देने का दबाव बनाया गया तब बवाल मचना शुरू हुआ। अभिभावकों का कहना है कि उनके बच्चों ने जब पहले ही परीक्षा दे दी है, तो अब स्कूल प्रबंधन उन्हें CG बोर्ड की परीक्षा दिलाने के लिए क्यो मजबूर कर रहा है। क्योकि स्कूल प्रबंधन ने तो एडमिशन के समय कहा था कि यहां सीबीएसई पैटर्न से पढ़ाई और परीक्षा होगी, लेकिन अब प्रबंधन कह रहा है कि बच्चों का रिजल्ट CG बोर्ड के तहत आएगा। परिजनों का कहना है कि वे पिछले 4-5 दिनों से इस मामले को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। न प्रशासन की ओर से
जिससे भड़के विद्यार्थी और उनके पालकों ने मंगलवार देर रात मिशन हॉस्पिटल रोड के ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल प्रांगण में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की, जिससे इस रोड पर जाम की स्थिति रही तनाव की सूचना पर पुलिस भी पालकों एवं विद्यार्थियों को समझाइश देने और व्यवस्था बनाने पहुची।


सवाल निजी स्कूलों की पारदर्शिता और शिक्षा विभाग की निगरानी का है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले पर समय रहते क्यो संज्ञान नही लिया, आखिर अब उन सैकड़ों बच्चों के भविष्य का क्या होगा।


तब भड़का आक्रोश

बताया जा रहा कि सोमवार 16 मार्च की रात करीब 8 बजे अभिभावकों के मोबाइल पर स्कूल प्रबंधन की ओर से संदेश भेजा गया गया कि 17 मार्च मंगलवार को 2026 को सुबह 8 बजे गणित की परीक्षा छत्तीसगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई।
अभिभावकों का कहना है कि ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सीबीएसई पैटर्न के अनुसार वार्षिक परीक्षा लगभग एक सप्ताह पहले ही पूरी हो चुकी है। बच्चों को उनके प्राप्तांक और प्रतिशत की जानकारी भी दे दी गई है। ऐसे में अचानक दोबारा परीक्षा दिलाने का निर्देश से हैरान परेशान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को देर रात सड़क पर उतरना पड़ा।

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