ब्रेकिंग

नागरिकों में मची खुजाल, क्या कर रही नगर सरकार

Spread the love

0 घरों में तो क्वाइल और मच्छर अगरबत्ती के भरोसे राहत
0 मुख्यमार्गों और गलियों में शाम होते ही भन्नकर काट रहे मच्छर
0 खुजला खुजला लाल हो रहे शहर के लाल

बिलासपुर। निगम प्रशासन को डीजल पेट्रोल बचाने का जुनून कही महंगा न पड़ जाये। क्योकि शाम होते ही मच्छरों के आक्रामक दंश से लोगो का हाल बेहाल है। लोग खुजला खुजलाकर निगम प्रशासन और जनप्रतिधियो को कोस रहे कि नगर सरकार मच्छर तक नही मरवा पा रहा। कही बिलासपुर के हालात मध्यप्रदेश की तरह न हो जाय।


मध्यप्रदेश में डेंगू मलेरिया से लोगो का हाल बेहाल है। केवल इन्दौर जिले में डेंगू बुखार पीड़ितों की संख्या 400 के आंकड़े को पार गई है। वही 9 लोग मलेरिया से पीड़ित मिले है। भोपाल उज्जैन समेत कई इलाकों में डेंगू मलेरिया के कहर से लोग घरों- घर कराह रहे।
इसके बाद भी निगम प्रशासन ने इस गम्भीर खतरे से निबटने अब तक कोई पहल नही की। मुख्यालय में डीजल- पेट्रोल की खपत कम दिखाने फॉगिंग मशीने जब से जॉन कार्यालयों में भेजी गई है मशीनें तब से कबाड़ की तरह पड़ी है। लार्वा कंट्रोल के नाम पर हर माह हो रहा 2 लाख का खेल किसी से छिपा नही है।

नगर सरकार में एक महापौर और सभापति समेत 70 पार्षद है पर किसी ने भी नागरिकों को मच्छरों के दंश से बचाने आवाज नही उठाई। सवाल यह उठ रहा कि एसी की हवा और मिनरल वाटर से गला तर करने वाले जनता के चुने जनप्रतिनिधि व अफसर क्या शहर में नही घूमते और यदि घुमतेंहैं तो क्या वे मच्छरों के दंश से हलाकान नागरिकों के इस खुजाल से अनभिज्ञ है और यदि नही तो क्या वे मच्छर उन्मूलन के लिए आवाज उठाएंगे।


बेगारी पर लगाये लगाम


मच्छरों के दंश से हलाकान नागरिकों का कहना है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने के बजाय निगम प्रशासन ठेका कम्पनियों और लोकल ठेकेदारो की बेगारी बन्द कराने जोर लगाएं। सवाल यह भी उठ रहां कि जब सफाई निर्माण सब ठेके पर है तो फिर निगम की गाड़ियों और अमले से दीगर प्रान्त की ठेका कम्पनियों और लोकल ठेकेदारो की बेगारी क्यो। फिर हर माह 70 से 80 लाख का डीजल पेट्रोल कौन डकार जा रहा। इसकी मॉनिटरिंग होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *