
बिलासपुर / शहर से लगे ग्राम लगरा से एक अनोखा मामला सामने आया है, आज के दिन में जहां लोग अपनो पर विस्वास नही करते जमीन हड़पाने के डर से अपनी जमीन को बचाने जमीन पर बाउंड्रीवाल करा रहे, वही लगरा में गुप्ता परिवार ने अडोस-पड़ोस के लोगो को अपनी जमीन इस शर्त पर निस्तार के लिए दे दी कि जब उन्हें जरूरत होगी वापस ले लेंगे, वो भी खुद निर्माण कराकर। इस बात का खुलासा तब हुआ जब गाव के खसरा नम्बर 400 के आबादी सरकारी जमीन को बेचने की शिकायत पर पटवारी सहायक को लेकर दुबारा सीमांकन के लिए पहुँचे।

लगरा बस्ती के बीच गुड़ी से लगे खसरा नम्बर 400 जो राजस्व रिकार्ड में सरकारी आबादी दर्ज है, उसको लेकर शिकायत की गई कि इस जमीन को शहर के एक मेडिकल स्टोर्स संचालक द्वारा दलाल से मिलकर 1 करोड़ में बेचा गया है, इसके बाद इस जमीन को टुकड़ो में बेचा जा रहा। जमीन के बीचों- बीच सड़क बनाकर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही है। इस आशय की शिकायत के बाद पिछले दिनों तहसीलदार के आदेश पर जब पटवारी सीमांकन, जांच के लिए पहुँचे तो पक्षकार उपस्थित नही हुए, 27 जनवरी के फाइनल नोटिज जारी होने के बाद सरपंच और पक्षकार, ग्रामीणो की मौजूदगी में पटवारी ने सीमांकन और जांच कार्रवाई की तो आरोपित पक्षकार ने इस भूमि को सालो से अपने स्वामित्व में होने का हवाला दे कहा कि इसका दस्तावेज उनके पास है, वे जल्द प्रस्तुत कर देंगे। उन्होंने दावा किया कि जमीन उनके स्वामित्व पर है उन्होंने किसी को बेचा नही है, बल्कि अपने परिवार की सेवा करने वालो को निस्तार के लिए ढिया है, यहाँ जो निर्माण चल रहा उसे वे ही बनवा रहे सड़क उन्होंने नही बनाई। वही शिकायत कर्ता का कहना है कि वे सीमांकन कार्रवाई से सन्तुष्ट नही है, वे आगे प्रक्रिया कर अपनी आवाज उच्चाधिकारियों तक पहुचने हर सम्भव करवाई करेंगे।
इस मामले में लगरा पटवारी रूपेश गुरुद्वान ने यह कहकर कुछ कहने से मना कर दिया कि वे बयान देने अधिकृत नही है, वे अपनी रिपोर्ट तहसीलदार के समक्ष सौप देंगे…
सुनिए कौन क्या कह रहे…



