

0 नई नीति बोले तो कचरा नीति….और बढ़ेगा स्क्रैप

0 मानक- अमानक के खेल से नही निकलेगा संकट का हल, लेना होगा, कड़ा एक्शन
बिलासपुर/ सर्वाधिक राजस्व देने वाले सरकारी शराब दुकान बम्फाड़ कचरा भी दे रहे। शराब भट्टी परिसरो की पसरी गन्दगी ने निगम प्रशासन के स्वछता अभियान की वाट लगाकर रख दी है, पूरा परिसर डिपोजल गिलास,पानी पाउच के चिथड़े और इधर उधर बिखरे पौव्वो की शीशी से अटा पड़ा है। प्लास्टिक बॉटलिंग से प्लास्टिक कचरे की तादात और बढ़ जाएगी।

मदिरा प्रेमी अपने फ्लोर पार्टनर के साथ सरकारी दुकान परिसर के मैदान पर ही पैग बनाकर चियर्स करते दिखाई दे रहे। फ्लोर पार्टनर पैग बनाकर गटकने के बाद पानी पाउच के चिथड़े और डिस्पोजल गिलास को मौके पर ही छोड़ – फेंक रहे जिसके कारण पूरे परिसर में पॉलीथिन कैरीबैग, डिपोजल गिलास और पानी पाउच के चिथड़े अटे पड़े है…



प्लास्टिक शीशी से और बढ़ेगा कचरा
सरकार ने नई शराब नीति के तहत 1 जून से कांच की शीशी के बजाय प्लास्टिक के शीशी, बोतल में शराब बेचने का एलाम कर दिया है, जाहिर है कि इससे प्लस्टिक कचरे में भारी इजाफा होगा जिसका असर पर्यावरण पर पड़ेगा।
मानक अमानक से नही पूर्ण प्रतिबंध से होगा निदान
प्लास्टिक कचरा न गलता न सड़ता, जहा भी निर्माण कार्य के लिए खुदाई कराई जाती है जमीन के अंदर प्लास्टिक कचरे की मोटी परत निकल रही ये लगातार देखने मे आ रहा जो बेहद ही भयावह संकेत है, मानक- अमानक के खेल से इस संकट का कोई हल निकालने की उम्मीद ही नही है, प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध से ही इस संकट से निजात मिलने की उम्मीद है…
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सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है, विभाग की ओर से बकायदा सभी सरकारी शराब दुकान परिसरों में डस्टबिन रखवाया गया है। शहर स्वच्छ हो सुंदर हो इसके लिए प्रयास कर रहे हमने खुद निगम आयुक्त के साथ सिरगिट्टी और व्यापार विहार परिसर का निरीक्षण कर जुर्माना कराया था।
नवनीत तिवारी सहायक आयुक्त आबकारी



