
0 कांग्रेस शासन कॉल के हिट योजना की ऐसी दुर्दशा

0 स्कूल खुले 8 दिन हो गए सरकारी किताबो का अतापता नही
बिलासपुर/ स्कूल खुले 8 दिन हो गए सरकारी किताबो का अतापता नहीं है। कांग्रेस शासनकाल के महती स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी- हिंदी माध्यम स्कूल योजना भी वेंटीलेटर पर है।
सत्ता परिवर्तन के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण नीति के तहत 166 सरकारी स्कूलों को बंद करके उनका अन्य स्कूलों में समायोजन कर अपना बोझ हल्का किया। पिछले साल मई 2025 में सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के 10 से कम छात्र संख्या और शहरी क्षेत्रों में 30 से कम छात्र वाले स्कूलो को बन्द करा इन स्कूलो के विद्यार्थियों को 500 मीटर से 1 किलोमीटर दूर दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कराया। इसके बाद कांग्रेस शासनकाल को सबसे हिट स्वामी आत्मानन्द स्कूलो से यूकेजी और एलकेजी बन्द करा और बोझ कम किया, इसके बाद इन स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए फी स्ट्रक्चर तय कर मासिक शुल्क तक लगा दिया। जिन स्कूलों में पहले शिक्षा पूर्णतः मुफ्त थी वहां फीस लागू कर दी गई। तमाम कटौतियों और सिर का बोझ हल्का करने और मासिक फीस लागू करने के बाद भी स्कूलो के हालात नही बदले, उल्टे शिक्षको के पदोन्नत होकर प्रिनिसिपल बनने और शिक्षकों के रिटायर होने के कारण स्कूलो में टीचरों की संख्या घट गई। जिन प्रायमरी स्कूलो में पहले 5 कक्षाओ के लिए 5 टीचर और एक हेडमास्टर का सेटअप तय था उसे 6+1 से घटाकर 5+0 कर दिया गया। ऐसे में यदि कोई टीचर मेटरनिटी लिव पर 6 माह के लिए जाती हैं या कोई टीचर बीमार होता हो जाये तो एक टीचर दो-दो क्लास के 100 या 100 से अधिक बच्चों को सम्हालेगा कौन और कैसे ये बड़ा सवाल है। कुछ स्कूलो में तो लैब अटेंडेंट और क्लर्क के बच्चों के क्लास लेने की खबर है।
इसी तरह मिडिल स्कूलो के टीचरों का सेटअप 6+1 से हटाकर 4+0 कर दिया गया। नियमतः मिडिल स्कूलो में 6 सब्जेक्ट पढ़ाने के लिए 6 विषयवार टीचर की आवश्यकता होती है जो सिमटकर 4 हो गई, यदि मिडिल स्कूल की एक टीचर 6 माह के मेटरनिटी लिव पर और एकाध टीचर की तबियत गड़बड़ाई तो स्कूलो में ढ़नढ़ना मच जाएगा पढ़ाई ठप हो जाएगी पर इसकी परवाह है किसे…

दांत है तो चना नही औ चना है तो दांत नही…
कांग्रेस शासनकाल में पुराने स्कूलो को ही स्वामी आत्मानन्द स्कूल बनाया गया,कोई नई बिल्डिंग तो बनाई नही गई। रंग रोगन कर कायाकल्प कर स्वामो आत्मानन्द का बोर्ड लटका दिया गया, यानि जिन स्कूलों में 12 वी तक कि कक्षायें लगती थी उन्ही में अब हिंदी और इंग्लिश मीडियम की 12 वी तक दो स्कूल लग रही इसके बाद भी तत्कालीन भूपेश सरकार ने खूब वाहवाही लूटी, बावजूद इसके कुछ स्कूलो में कक्ष की कमी नही है। वे बता रहे जगह है पर टीचर नही है ऐसे में नव प्रवेशी बच्चों को चाहकर भी प्रवेश नही दे पा रहे।
Author Profile

Latest entries
UncategorizedAugust 8, 2026छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और दो अन्य व्यक्तियों की तस्वीरें रखकर श्मशान में तन्त्रपूजा की खबर से पूरे प्रदेश में हड़कम्प, ग्रामीणों ने 1 को पकड़कर पुलिस को सौंपा 3 फरार…!
UncategorizedAugust 8, 2026ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान के तहत सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए भेजी गईं 4100 राखियां एवं शुभकामना संदेश…
UncategorizedAugust 8, 2026बड़का अचंभा सड़क के बीच खम्भा, ध्वस्त बिजलीं व्यवस्था, जलभराव, संसदीय कार्यकाल के अधूरे निर्माण पर भड़के डिप्टी सीएम, 3 जनपद सीईओ और रतनपुर सीएमओ की नदारदगी पर गुस्साए, दी चेतावनी कहा आग लगने पर कुंआ खोदने की आदत से बाज़ आइए…!
UncategorizedAugust 7, 2026,,, तो क्या मरने के बाद होती है निगम में सुनवाई…? पत्रकार कालोनी के निर्माणाधीन मकान में करंट से दो श्रमिको की मौत के बाद जागे निगम के अफसरो ने तोड़ा नोटिस का चक्रव्यूह कहा अवैध निर्माण तोड़कर ही मानेंगे… फिर एक्सीवेटर से टोटका कर लौट आये…?

