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न्यायधानी में चाकूबाजी की वारदातों पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव से लेकर एसपी को बनाया पक्षकार, गृह विभाग के प्रमुख सचिव को प्रतिवादी 6 वे पक्षकार के रूप में शामिल करने निर्देश

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00 3 दिन के भीतर पक्षकारों की सूची में इन्हें शामिल करने फरमान, अगली सुनवाई 25 को,
007 माह में चाकूबाजी के 120 मामले दर्ज, 7 की मौत 122 घायल

बिलासपुर । अब हाईकोर्ट ने न्यायधानी में चाकूबाजी की लगातार हो रही लगातार घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू कर दी है । डीबी ने मुख्य सचिव , डीजीपी , आई जी बिलासपुर , कलेक्टर और एसपी को पक्षकार बनाया है साथ ही
,गृह विभाग, के प्रमुख सचिव को प्रतिवादी 6 के रूप में पक्षकार बनाने की बात कहते हुए, चाकूओं की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल व तीन दिन के भीतर पक्षकारों की सूची में इन्हें शामिल करने निर्देश दिया गया है ।

हाईकोर्ट ने कहा कि चूँकि पुलिस विभाग सीधे राज्य के गृह विभाग के अधीन है, इसलिए यह न्यायालय ,गृह विभाग, के प्रमुख सचिव को प्रतिवादी 6 के रूप में पक्षकार बनाना उचित समझता है। साथ ही गृह विभाग के प्रमुख सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र पर जवाब माँगा है । अगली सुनवाई 25 अगस्त को रखी गई है।
बिलासपुर इन दिनों चाकूबाजी की घटनाओं और चाकुओं की खुलेआम बिक्री को लेकर चर्चा में है। इसीलिए हाईकोर्ट ने मीडिया में आ रही खबरों को संज्ञान लेते इसे जनहित याचिका के रूप में दर्जकर सुनवाई की । चीफ जस्टिस की डीबी ने कहा कि, खबरो के अनुसार सात महीनों में चाकूबाजी के 120 मामले दर्ज किए गए हैं, इन घटनाओं में 7 जाने जा चुकी है वही 122 लोग घायल हुए हैं। पूरा शहर इस समस्या से जूझ रहा है मामूली विवादो में चाकू चल रहे है लोग दहशत में है आलम यह है कि जब तक परिवार के मुखिया और बच्चे घर न पहुच जाए महिलाओ को उनके लौटते तक बेचैनी से उनका इंतजार करना पड़ता है, सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन आ रहे चाकुओं के खेप की है, जिसके पड़ताल की कोई व्यवस्था दिखाई नही दे रही है।

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