
0 योजनाओं के ढिंढोरे का ये है हाल

0 कांग्रेस गवर्नमेंट ने बीपीएल के साथ एपीएल परिवारों के लिए भी की थी पहल
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ शासन और वर्ल्ड फ़ूड सिस्टम का ग्रेन एटीएम 1 माह 12 दिन में ही टें बोल गया। फजीहत ये कि न तो शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न है और न ही ग्रेन एटीएम में पब्लिक राशन कार्ड लेकर मुहल्ले के राशन दुकानो और ग्रेन एटीएम के चक्कर काटने विवश है।
करीब डेढ़ माह पूर्व गत 8 अगस्त को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने रायपुर से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के ग्रेन एटीएम का डिजिटल (वर्चुअल) शुभारंभ किया था। बिलासपुर में भी तामझाम किया गया उपमुख्यमंत्री अरुण साव, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और राज्य व जिले के प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।

और रहा चेम्पियन
सप्ताह भर पूर्व 1100 लोगो को अन्न प्रदाय करने के आंकड़े के साथ बिलासपुर जिला तीनो जिले में चैंपियन रहा लेकिन अब पिछले 3 दिन से सीपत रोड पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पीछे ग्रेन एटीएम शेड ठप और बन्द पड़ा है। बाहर गेट पर बन्द का गत्ता लटक रहा है।
उचित मूल्य के दुकानों में भी टोंटा
सीजीडीएनए की टीम ने शनिवार को शहर के शासकीय उचित मूल्य दुकानों का जायजा लिया तो ज्यादातर शासकीय उचित मूल्य के दुकानो में खाद्यान्न के टोटे की तस्वीरें नज़र आई। पूछने पर दुकान संचालको ने बताया कि वन नेशन वन राशन स्कीम के कारण उनके दुकानों में राशन का टोंटा है, उन्होंने फ़ूड नियंत्रक को अतिरिक्त आबंटन के लिए आवेदन दे रखा है, पर एआज तक उन्हें अतिरिक्त आबंटन नही मिला… जिसके कारण कार्ड धारकों को वे तारीख पर तारीख देने विवश है।
आखिर क्या है वजह
सवाल यह उठ रहा कि आखिर पायलट प्रोजेक्ट में इतनी बड़ी लापरवाही का जिम्मेदार है कौन, क्योकि सवाल सरकार की साख का है,,, क्या फंड की कमी है कि अफसर काम नही करा पा रहे कि धान का कटोरा कहलाने वाले छत्तीसगढ़ में चाऊंर का टोंटा पड़ गया है, या परिवहन की व्यवस्था में कुछ संकट- विंकट है।



