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10 शटर 9 दुकाने, कौन खा रहा था पटवारी कार्यालय के आरक्षित बेशकीमती भूखण्ड पर तने काम्प्लेक्स के दुकानो का किराया, एक नेता का नाम सामने आने के बाद भी निबटा दिया गया मामला

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0 मीडिया ने मामला उजागर हुआ तो निगम प्रशासन ने दीबार पुतवा लिखा दिया आधिपत्य

0 मंत्री समर्थक नेता का नाम सामने आया तो खड़े कर दिए हाथ

0 कब्जा मुक्त कराए गया दुकानो का निकाल दिया टेंड

मोपका चौक पर पटवारी कार्यालय के लिए आरक्षित बेशकीमती भूखण्ड पर बनाई गई दुकाने

विलासपुर। कोई कब्जा करके किराया खा जाए क्या मतलब अब तो अपना हो गया। मामला मोपका चौक पर पटवारी कार्यालय के लिए आरक्षित बेशकीमती जमीन पर 10 शटर वाले 9 दुकानों का है। आरोप है कि भाजपा नेता और मंत्री के करीबी ने पूरा खेल खेला पर सब गड़बड़सडबड़ हो गया।

सीजीडीएनए की खबर के बाद निगम प्रशासन द्वारा आधिपत्य में  ली गई व्यवसायिक परिसर की दुकाने

इन तस्वीरों में लेंटर वाले व्यवसायिक 5 दुकानों का जो काम्प्लेक्स दिखाई दे रहा वहॉ बगल और पीछे मिलाकर 9 दुकाने है, इनमे से एक दुकान में दो शटर है। मोहल्ले के किसी भी नागरिक से पूछ लीजिये मोपका चौक पर सड़क से लगे इस जमीन पर सालों से एक बोर्ड लगा था जिस पर लिखा था कि यह भूखण्ड पटवारी कार्यालय के लिए आरक्षित है।


इन्हें कुछ नही पता-

डायलॉग गब्बर सिंह स्टाइल जरूर है पर ये हकीकत है। जोन क्रमांक 7 कमिश्नर को नही पता कि यह जमीन पटवारी कार्यालय के लिए आरक्षित है पर इससे दुर्भाग्यजनक बात और क्या हो सकती है कि मोपका-चिल्हाटी इलाके के जमीनों का खाता बही और हिसाब किताब रखने वाले पटवारी तक को पता नही। जिनके भरोसे मोपका चिल्हाटी के नागरिक निश्चिंत है।


ये भी पता नही


इलाके के बच्चे बच्चे तक ने देखा कि यहां निर्माण किसने कराया। इलाके में इस बात की चर्चा भी जोरो पर है कि किसने दुकानो को किराए पर देने 50-50 हजार की पगड़ी ली। मामला गड़बड़ाने पर लोग पैसा वापस लेने अब उनके चक्कर काट रहे पर जिम्मेदार अफसरों को इसका भी पता नही।

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