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रतनपुर में डायरिया के कहर से घरों- घर बीमार, फिर दर्जन भर पीड़ित पहुँचे अस्पताल, बेड फूल लोग घरों में बॉटल चढ़वा इलाज कराने विवश, नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग को रहे कोस

बिलासपुर। जिले के रतनपुर में प्रदूषित जलापूर्ति के कारण डायरिया का कहर थमने का नाम नही ले रहा। रोजाना 12 से 15 पीड़ित आ रहे, गरुवार को भी 12 नए पीड़ित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुचे जिससे 37 बेड फूल हो गये। अस्पताल में बेड न होने के कारण लोग अपने घरो में ही इलाज कराने विवश हैं।
लोगो और डॉक्टरो का कहना है कि दूषित जलापूर्ति के कारण फिर यहाँ डायरिया का संक्रमण हुआ है, पिछले साल भी यहाँ दर्जनों लोग डायरिया से पीड़ित हुए 5 मौते भी हुई तब है तौबा मचने पर पानी का फाल्ट सामने आने पर रतनपुर नगर पालिका प्रशासन ने नाले- नालियों के अंदर से गुजरे क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को बाहर निकलवाने का दावा किया सर्वे और नापजोख कराया गया स्टीमेट बनवाये गए पर डायरिया का संक्रमण थमने के बाद फाइल को रददी की टोकरी में डाल दी गई।

पालिका प्रशासन ने 5 मौतों और दर्जनों लोगों के पीड़ित होने के बाद भी कोई सबक नही लिया नतीजतन फिर डायरिया का कहर जारी है। कहर कम होने का नाम नही ले रहा रोज दर्जन भर के आसपास नए पीड़ित उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुच रहे, पिछले 48 घंटे में अस्पताल के 37 बेड फूल हो गए हैं, रतनपुर के नवागांव, कर्रा, गिरजाबंद, महामायापारा में घरों- घर डायरिया का कहर है। बीते सोमवार को 13 और मंगलवार को 23 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, गुरुवार को फिर दर्जन भर पीड़ित आये है,
अस्पताल में अब मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं है। बताया जा रहा कि इतने संक्रमण के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में कैंप तक नहीं लगाया, पीड़ित घरों में इलाज करा रहे है, यहां का सामुदायिक केंद्र एक डॉक्टर सीमित स्टाफ के भरोसे है। डॉक्टर डायरिया के संक्रमण की मुख्य वजह दूषित पानी को बता लोगो को उबाल कर पानी पीने साफ-सफाई बरतने, ताजा भोजन करने, बाहर के खाद्य सामग्री का सेवन न करने की सलाह दे रहे।

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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