

बिलासपुर। हमेशा पुलिस मुन्नी की तरह बदनाम होती है पर हकीकत यह है कि लोग शिकायत तो कर देते हैं पर एफआईआर दर्ज नहीं करते ऐसा ही एक मामला व्यस्ततम तेलीपारा रोड से सामने आया।
तेलीपारा में रहने वाले रामचंद्र शुक्ला ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वे गत 30 दिसम्बर को सुबह करीब 11:00 बजे सब्जी लेकर अपने घर जा रहे थे। रास्ते में जहां किशोर फुटवियर का गोदाम है वहॉ एक ट्रक खड़ी थी और ट्रक से माल उतारा जा रहा था इसी दौरान वहां के स्टाफ में रस्सी फेंकी जो उसके गले में लगा जिससे उसके गले में घातक चोट आई उन्हें 5 दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा 5 दिन तक वह अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। 17000 का बिल चुकाना पड़ा 5 दिन के बाद जब अस्पताल से उसकी छुट्टी हुई तो वह जख्म लेकर घूमते रहे।

उन्होंने बताया कि गोदाम संचालक ने 500 रुपये देकर समझौते के लिए कहा। मीडिया में खबरे चली तो सकते में आई कोतवाली पुलिस ने आरोपी कारोबारी को थाने में लाकर बिठाया भी फिर छोड़ भी दिया।

इधर सिटी कोतवाली पुलिस का कहना है की पीड़ित श्री शुक्ला को एफआईआर दर्ज करने भी बुलाया पर वे नही आये मामला जांच में है। अब जब शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जब पीड़ित एफआईआर दर्ज नही करा रहे तो आखिर पुलिस क्या। और सवाल ये भी कि आखिर ऐसा हुआ क्या किसका दबाव है कि पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने से हिचकिचा रहे।



