0 लेट लतीफी और घटिया निर्माण सामाग्री को लेकर भी रही चर्चा
0 कार्यपूर्णता की अवधि को बीते हो गए 2 साल 3 माह


बिलासपुर। जलसंसाधन विभाग के खरतर अफसर कार्यपूर्णता की अवधि को पूरा हुए 2 साल 3 माह बीत जाने के बाद भी ठेका फर्म से दोनों बैराज का काम पूरा नही करा सके, ठेका फर्म ने बैराज बनाने के बजाय डाकू करे गुड़ाखू फ़िल्म के सीन की तरह खतरनाक टीला बनाकर छोड़ दिया। लोग जान जोखिम में डालकर बैराज के ऊपर बनवाए गए रास्ते से आवागमन कर रहे है, जो कभी भी जान जोखिम का सबब बन सकता है।
आप खुद देखिए कैसे लोग चांटीडीह रपटा के भीड़ भाड़ से बचने के लिए चाटीडीह सब्जी मंडी से और शहर से अरपापार चांटीडीह सरकंडा आनेजाने के लिए अपनी जान को जोखिम में डालकर बैराज के इसी रास्ते का उपयोग कर रहे है।
पूर्व सीएम ने 2021 में किया था भूमिपूजन
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गत 16 मई 2021 को शिवघाट और जूना विलासपुर पचरीघाट के इस बैराज के निर्माण का वर्चुअल भूमिपूजन किया था।
18 माह में पूरा करना था काम
शासन ने पचरीघाट जुनाबिलासपुर – चांटीडीह बैराज का काम 38 करोड़ 51 लाख और कुदुदंड- सरकंडा शिवघाट बैराज का काम 40 करोड़ 40 लाख रुपये में मेसर्स सुनील कुमार अग्रवाल की कंस्ट्रक्शन फर्म को दिया था। जिसका काम 18 माह में गत अक्टूबर 2022 को पूर्ण होना था पर काम आज तक पूरा नही हो सका।
ये काम है अधूरा
ठेका फर्म ने अभी तक एप्रोचरोड, गेट के अरेंजमेंट, अप-डाउन स्ट्रीम, टो वाल, प्रोटेक्शन वर्क, इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य नही किया जो अभी तक अधूरा है।
शुरू से विवादित रहा फर्म
फर्म पर कभी घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग करने तो कभी कबाड़ के सरिया से बैराज के ऊपर रॉड को वेल्डिंग कराने और बिल लटकने पर अपने रसूख के दम पर अफसर का तबादला कराने के आरोप लगते रहे।
कोई जुर्माना नही
तमाम खामियों और लेटलतीफी के बावजूद अभी तक जलसंसाधन विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने ठेका फर्म पर 1 रुपये का भी जुर्माना नही लगाया जबकि प्रोजेक्ट कार्यपूर्णता की अवधि गुजरे 2 साल 3 माह हो गए।
जून 2025 तक एसटेंशन
पता नही राजधानी में बैठे विभाग के अफसरों से ठेका फर्म से ऐसा कौन सा गठजोड़ है कि फर्म पर कार्रवाई करने के बजाय एक्सटेंशन पर एक्सटेंशन दिया जा रहा। इस बार फिर फर्म को काम पूरा करने जून 2025 तक एक्सटेंशन दिया गया है।
रास्ते को बंद कराने निर्देश
जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एमके चंद्रा ने इस बात का पता चलने पर कि लोग दोनों बैराज के खतरनाक रास्ते से आवागमन कर रहे है, अपने मातहतों को तत्काल बांस बल्ली लगाकर रास्ते को बन्द कराने निर्देश दिया।
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ठेका फर्म ने अभी तक काम पूरा नही किया अभी लगभग 40 फीसदी काम अधूरा है। फर्म को एमडी के आदेश पर मई 2025 तक का एक्सटेंशन दिया गया है। बैराज के रास्ते को बांस बल्ली लगाकर बन्द करने कहा गया है।
एमके चंद्रा
कार्यपालन अभियंता
जल संसाधन विभाग बिलासपुर
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