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अरबो के मालिको के जुआ फड़ से महज साढ़े 3 लाख की जब्ती, क्या बिल्डर, हॉटल, बार संचालक, फर्नीचर कारोबारी पीडब्ल्यूडी के ईई और ठेकेदार नामी होटल में ऐसे खेलते है जुआ

बिलासपुर। जुए और अपराध में बड़े लोगो का नाम आते ही पुलिस के हाथ क्यों थरथरा जा रहे ये बड़ा सवाल है। इस बार फिर मामला हॉटल ईस्ट पार्क में रसूखदारों के पकड़े गए जुआ फड़ का है, जिसमे एक नही कई फाल्ट सामने आ रहे जिसका जवाब पुलिस को देना चाहिए ?

मसलन पहला फाल्ट तो क्वाइन का है, पुलिस इन अरबपतियों से महज 3 लाख रुपये जब्त करना बता रही, जबकि जुए का चलन बदल गया है, अब जुए में पैसे नही बल्कि क्वाइन का चलन है जो एक-एक लाख जमा कराने पर जुआरियों को दिया जाता है। मैनेजर समेत पकड़े गए 10 में से 9 जुआरियो के हिसाब से 9 लाख का तो केवल क्वाइन का है जिससे ये जुआ खेल रहे थे, फिर वो क्वाइन का 9 लाख रुपये किसके पास है इसका पता लगाकर जब्ती क्यो नही की गई क्या पुलिस इतनी इनोसेंट है।


ये है क्वाइन


जुआ फड़ से पैसा न पकड़ाए इसलिए अब जुआरी 1-1 लाख रुपये जमा कराकर प्लास्टिक का क्वाइन खरीदते है। जीतने पर इसी क्वाइन को भुना जीत की रकम का चुकारा ले लेते है। कहा जा रहा कि जो 3 लाख रुपये जब्त हुआ है वो तो इनके जेब का पैसा है।


और ऐसी लिखापढ़ी


पूछताछ और लिखापढ़ी में बाल की खाल निकालने वाली पुलिस का कलम रसूख को देखक डगमगा गया या पहचान छिपाने के लिए ये सब किया गया ये बात समझ से परे है, हालाकि ये बात अलग है कि जुआरियों की तस्वीरों ने सब कुछ बयां कर दिया…
अब ये देखिए 1 ले जुआरी का नाम तेजेश्वर वर्मा पिता रामाधार वर्मा 41 साल अशोक नगर सरकंडा उल्लेख है।
वही दूसरे में किशोर कुमार पिता वी दास, ऐसा क्यो जबकि ये है शहर के चर्चित बिल्डर किशोर ग्वालानी है। ऐसे ही जुआरियों की सूची में सुनील कुमार पिता आरके अग्रवाल लिखा है, ये तेलीपारा के एक प्रतिष्ठित फर्नीचर दुकान के मालिक है।
इसी तरह जुआरियों की लिस्ट में एक नाम हरवंश लाल पिता स्व, एम आर अजवानी ये हरवंश आजमानी है जो बड़े होटल कारोबारी है।
नया ट्विस्ट भी

इस जुआ कांड में ट्विस्ट तब आ गया जब पता चला कि जिस चर्चित बार के संचालक का नाम जुआरियों की सूची में है, वो प्रयागराज कुम्भ में है। अब सवाल यह उठ रहा कि फिर उसका नाकाम जुआरियों की सूची में आया कैसे। और सवाल यह भी कि इस जुआ फड़ से और कितने लोग भागे या भगाए गए है क्योंकि ऐसा पहले भी हो चुका है।

निमितेश सिंह, सीएसपी सिविल लाइन

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शैलेन्द्र पाण्डेय / संपादक / मोबाइल नंबर : 7000256145
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