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अब चर्चित हार्ट सर्जन की गिरफ्तारी से फजीहत में घिरा अपोलो, कांग्रेसजनों ने प्रबन्धन को दस्तावेज के लिए दी 7 दिन की मोहलत, थाने में लिखित शिकायत कर अपोलो के चेयरमैन और डॉक्टर समेत 7 आरोपियों पर की एफआईआर की मांग

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बिलासपुर। अपोलो के फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जान केम के बेनकाब होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में सरकंडा थाने में फर्जी डॉक्टर श्री यादव और अपोलो प्रबन्धन के विरुद्ध हत्या और षड्यंत्र की धारा के तहत कार्यवाही करने की मांग कर अपोलो प्रबन्धन की टेंशन बढ़ा दी।


इससे पहले कांग्रेस नेता श्री केशरवानी अन्य नेताओं के साथ अपोलो भी पहुँचे। उनके अपोलो पहुँचने के पहले ही हंगामे के डर से अपोलो प्रबन्धन ने हेत पर गार्डो और बाउंसरों को तैनात कर दिया, उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि कांग्रेस के प्रतिनिधि मण्डल और मरीज व उनके रिश्तेदारों के अलावा किसी को भी अंदर न आने दे।
कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल जब अंदर पहुँचा तो किसी ने रिस्पॉन्स ही नही दिया। जब कांग्रेसी भड़के तब अफसर चर्चा के लिए पुलिस बल की मौजूदगी में सामने आए। कांग्रेसजनों ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के इलाज और उनकी मौत कर प्रमाणित दस्तावेज की मांग करते हुए अपोलो प्रबन्धन को इसके लिए 7 दिन की मोहलत दी है।
80 फीसदी हार्ट पेशेंट की मौत का आरोप
आरोप है कि डॉ विक्रमादित्य के इलाज के दौरान लगभग 80 फीसदी मरीजो के मौत का दाग अपोलो प्रबन्धन पर लगा है।
मध्यभारत के इस डॉक्टर का ऐसा था रोल


आरोप है कि अपोलो प्रबन्धन ने चर्चित डॉक्टर विक्रमादित्य को मध्यभारत्नके सर्वश्रेष्ठ हार्ट व लेप्रोस्कोपिक सर्जन के रूप में पेश किया था। जलवा इतना था कि जब वे अपोलो के अंदर प्रवेश करते थे तो दो गार्ड पूरे टाइम उनके आगे और पीछे चलते उनके लिए रास्ता बनाते थे।

सरकण्डा पुलिस से की मांग

कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने सरकण्डा पुलिस को लिखित और हस्ताक्षरित शिकायत सौप मांग की है कि है कि इसी फर्जी डॉक्टर ने पूर्व विधानसभा स्पीकर स्व राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य लोगो के हृदय का ऑपरेशन किया जिसमें राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य लोगो की मृत्यु हो गई , उक्त डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई है और उस पर कानूनी कार्यवाही की गई है ,


चूंकि अपोलो में उक्त डॉक्टर द्वारा किया गया ऑपरेशन से मरीजो की मृत्यु हो गई ,जो एक सुनियोजित हत्या है,जिसमे डॉक्टर सहित अपोलो प्रबन्ध भी उतना ही दोषी है ,जितना उक्त डॉक्टर, उक्त डॉक्टर के डिग्री की जांच किये बिना उन्हें मरीजो के जीवन से खिलवाड़ करने देना अपोलो प्रबन्धन को घोर लापरवाही है । कांग्रेस नेताओं ने
उक्त डॉक्टर के इलाज के बाद मरीजो की हुई मौतों, और उसके बाद भी अपोलो प्रबन्धन द्वारा कार्यवाही कर डॉक्टर के विरुद्ध एफआईआर न कराने
को प्रबन्धन और उक्त फर्जी डॉक्टर के बीच सांठगांठ और गम्भीर साजिश बताते हुए
फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जान केम
डॉ प्रताप रेड्डी ,चैयरमेन अपोलो हॉस्पिटल प्रीथा रेड्डी, एजीकेटिव्ह चैयरमेन अपोलो हॉस्पिटल
डॉ मनीष मट्टू, रिजनल हेड अपोलो हॉस्पिटल
अर्णव राहा,यूनिट हेड बिलासपुर अपोलो हॉस्पिटल के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की है।
सरकंडा थानेदार नीलेश पाण्डेय को ज्ञापन सौंपने के दौरान
जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी,विधायक दिलिप लहरिया,पूर्व विधायक सियाराम कौशिक,पूर्व विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह ,पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र साहू,प्रवक्ता ऋषि पांडेय,ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित, महामंत्री समीर अहमद समेत अन्य कांग्रेस जन मौजूद रहे।

7 दिन में दिख जाएगा किसमे कितना है दम

अपोलो प्रबन्धन पर किसी का नियंत्रण ही नही है। इससे पूर्व बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने आयुष्मान योजना को नकारने के कारण गरीबो को मुफ्त उपचार की सुविधा न मिलने पर अपोलो प्रबन्धन को हड़काया था कि या तो शासन की जमीन खाली कर अपना डेरा डंडा समेट लो या गरीबो का आयुष्मान योजना का लाभ दो, सीएमएचओ ने भी इस बाबत पत्र भेजा पर अपोलो ने ठेंगा दिखा दिया। अब बारी कांग्रेस की देखना है कि इनकी मांग को कितनी तबज्जो मिलती है या फिर वही ठेंगा।

निलेश पाण्डेय, टीआई सरकण्डा थाना

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