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सुबह नीट का इक्जाम, रात को ठप हो गई बिजलीं, नाराज नागरिकों ने देर रात घेरा पूर्व मंत्री व नगर विधायक का बंगला

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बिलासपुर। शनिवार रात घंटों बिजली गुल से परेशान नागरिकों ने नगर विधायक अमर अग्रवाल के बंगले का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।

शनिवार को तेज अंधड़ बारिश के चलते शहर में कई जगहों पर पेड़ गिरे । जिससे लगभग पूरे शहर में घंटों बिजली ठप रही। देर रात तक भी बिजली न आने से परेशान और नाराज शहर के लोगो ने विधायक अमर अग्रवाल के घर का घेराव कर दिया।
इनका आक्रोश इस बात को लेकर था कि रविवार को सुबह निट की परीक्षा थी। साल भर से तैयारी कर रहे बच्चे बिजली गुल के कारण परीक्षा के अंतिम समय में अपनी तैयारी नहीं कर सके। बिजलीं ठप और ऊपर से मच्छरों के दंश से परेशान नागरिकों को रतजगा करना पड़ा।
परेशान नागरिकों ने देर रात अमर अग्रवाल के घर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा कि इस दौरान विधायक अमर अग्रवाल घर पर मौजूद नहीं थे।

इन को इंसिडेंट का प्रेसीडेंट कौ

याद कीजिये कैसे एक सबस्टेशन के उद्घाटन के दौरान जैसे ही पूर्व मंत्री व नगर विधायक ने बटन दबाया तो शॉर्ट सर्किट हो गया। सवाल तो उठता है क्योंकि उनके मंत्री रहते कभी ऐसा नही हुआ, कभी शहर में 8- 8, 10- 10 घण्टे बिजलीं ठप नही हुई। सीएम के रामसेतु के उद्घाटन के दौरान एक महिला का सीएम के काफिले के सामने आना, सर्किट हाउस के पास नाराज पूर्व मंत्री का गाड़ी से न उतरना जैसे घटनाएं और अब उनके बंगले के घेराव क्या ये सब को इंसिडेंट है या कोइनसीडेंट। आखिर ये सब क्यो और किसके इशारे पर हो रहा।

फटकार तक लगा चुके

बताया जा रहा कि प्रदेश में भाजपा की पुनः सरकार बनने के बाद पूर्व मंत्री व नगर विधायक ने विद्युत वितरण कम्पनी के अफसरों की क्लास लेकर दो टूक सवाल किया था कि पहले तो ऐसे बिजलीं की दिक्कत कभी नही थी अब क्या हो गया, क्यो बार बार बिजलीं ठप हो जा रही, क्या विद्युत उपकरण नकली है या और कोई दिक्कत है। वितरण कम्पनी के अफसरों ने उन्हें बताया कि पिछले 10-15 सालों में दो दर्जन से अधिक अधिकारी कर्मचारी रिटायर हुए कुछ की मौत भी हुई पर उनकी जगह नई भर्ती नही हुई सबसे बड़ा कारण यही है।

हाथी खोजय दांव, माछी खोजय घाव

इधर बिजलीं ठप होने से पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय को भी बैठे बिठाये मुदा मिल गया। उन्होंने भी अपने मन का गुबार उतारने कोई कोर कसर नही छोड़ी जमकर मन का गुबार उतार डाला।

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