
विलासपुर। अमीरी गरीबी को लेकर सरकार का कॉन्सेप्ट ही क्लियर नही है, एक तरफ जिले के 564014 में से 492633 परिवार को गरीब बता उन्हें मुफ्त में चावल दिया जा रहा तो दूसरी तरफ उन्ही बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारी परिवार के वाहन चालकों को यातायात के नियमो का उल्लंघन बता 5-5, 7-7 हजार का ऑनलाइन चालान भेजा जा रहा। लोग स्तब्ध है कि क्या उन्होंने इतना बड़ा अपराध कर डाला, ये पब्लिक है सब जानती है…तभी तो कह रहे कि सरकार को मुफ्त की योजनाएं भारी पड़ रही, इसीलिए एक जेब मे राहत की राई डाल दूसरी जेब से पहाड़ की तरह माल निकलवाया जा रहा। तो फिर क्या ये चुनावी गरीब है, विडम्बना है कि जनता भारी भरकम चालान की मार से कराह रही और उनके जनप्रतिनिधि मौन है कोई बोलने वाला नही।

ये है खाद्य विभाग के गरीबी का आंकड़ा

सीजीडीएनए की टीम ने जनचर्चा बने भारी भरकम ऑनलाइन चालान की मार को लेकर नेताओ और आमजनों से चर्चा की
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