
बिलासपुर,,, मुखबिर सूचना के आधार पर होटल पैट्रिशियन के प्रथम तल पर बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों के ठहरने की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुँचकर जांच की गई। सबसे पहले होटल प्रबंधन से पूछताछ की गई और आगंतुक रजिस्टर की गहन जांच की गई, जिसमें दर्ज विवरण के आधार पर सभी कमरों की विधिवत जांच की गई। अधिकतर कमरे सामान्य पाए गए।

हालांकि, कमरा क्रमांक 2008, जो तुषार अग्रवाल के नाम पर बुक किया गया था, की जब जांच की गई तो उसमें 5 युवक एवं 2 युवतियाँ उपस्थित पाई गईं। कमरे में उस समय शराब का सेवन हो रहा था तथा हुक्का पीया जा रहा था, जो कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों एवं होटल संचालन के नियमानुसार गंभीर उल्लंघन है।
इस पूरी घटना को कोटपा एक्ट (COTPA – सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के तहत लिया गया और संबंधित लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की गई। साथ ही, मौके पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई।
चौंकाने वाली बात यह रही कि कमरा भले ही तुषार अग्रवाल के नाम पर बुक किया गया था, लेकिन उसका उपयोग अन्य बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा था। इस लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त, इस मामले को लेकर नगरीय निकाय विभाग को पत्राचार कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है, ताकि होटल संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन द्वारा स्पष्ट रूप से यह संकेत दिया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ लगातार जारी रहेंगी।



